दिल्ली-एनसीआर की सड़कों पर अब नहीं उड़ेगी धूल! NHAI ने शुरू की 'ग्रीन हाईवे मिशन' मुहिम

दिल्ली-एनसीआर में हाईवे निर्माण से फैल रहे प्रदूषण को रोकने के लिए NHAI ने नया SOP लागू किया है। इसके तहत सड़कों की मशीनों से सफाई, एंटी-स्मॉग गन, पौधारोपण और निर्माण सामग्री को ढकने जैसे कदम उठाए जाएंगे। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि धूल और वाहन प्रदूषण पर युद्ध स्तर पर कार्रवाई कर पर्यावरण संतुलन बनाए रखें।

दिल्ली : राष्ट्रीय राजमार्गों पर प्रदूषण कम करने के लिए NHAI ने दिल्ली-एनसीआर में एक व्यापक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) लागू किया है, जिसके तहत हाईवे निर्माण और संचालन से होने वाले वायु प्रदूषण पर काबू पाने के लिए कई ठोस कदम उठाए जाएंगे। इसमें सड़क की सफाई के लिए मैकेनाइज्ड स्वीपिंग मशीनों का इस्तेमाल, हरे-भरे मीडियन और मियावाकी पद्धति से पौधारोपण, निर्माण सामग्री को तिरपाल और ग्रीन नेट से ढकना, नियमित पानी का छिड़काव और एंटी-स्मॉग गन का प्रयोग शामिल है। साथ ही वायु गुणवत्ता की निगरानी, सीएक्यूएम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दिशा-निर्देशों का पालन, और ग्रीन दिल्ली ऐप पर शिकायत निवारण की व्यवस्था भी की गई है। NHAI के सदस्य (तकनीकी) आलोक दीपनकर ने अधिकारियों और ठेकेदारों को निर्देश दिया है कि धूल और वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर “युद्ध स्तर पर नियंत्रण” सुनिश्चित किया जाए, ताकि बुनियादी ढांचे के विकास के साथ पर्यावरणीय संतुलन भी बना रहे।

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दिल्ली-एनसीआर में पॉल्यूशन का साल्यूशन (फोटो-Istock)

एनएचएआई ने तय किए मानक

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। एनएचएआई ने अपने सभी फील्ड ऑफिसों को स्पेशल स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी किया है, जिसके तहत हाइवे पर धूल, धुआं और निर्माण कार्यों से फैलने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। इस SOP के ज़रिए एनएचएआई ने तय किया है कि हाइवे पर मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों से सफाई की जाएगी।

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