'मुद्दे की बात' में केजरीवाल का 'शीशमहल', काफी पीड़ादायक है वर्क ऑर्डर की टाइमिंग

  • Written by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 3, 2023, 03:23 PM IST

Operation SheeshMahal :

Operation SheeshMahal : दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सरकारी बंगले पर हुए खर्च को लेकर टाइम्स नाउ नवभारत और टाइम्स नाउ ने अपने 'ऑपरेशन शीशमहल' में सनसनीखेज खुलासे किए। गत 25 अप्रैल से पांच पार्ट में हुई इन खुलासों के बारे में जानकर हर कोई दंग रह गया। सरकारी बंगले के सौंदर्यीकरण (रेनोवेशन) एवं पुनर्निमाण (री-कंस्ट्रक्शन) के नाम पर दिल्ली सरकार ने बेतहाशा रकम खर्च की। सबसे बड़ा सवाल यह है कि केजरीवाल के बंगले के रेनोवेशन के नाम पर करीब 45 करोड़ रुपए की भारी-भरकम राशि उस समय खर्च की गई जब राजधानी कोरोना की मार से कराह रही थी। अस्पतालों में बिस्तर नहीं थे। लोगों को ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं मिल पा रहे थे। लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों के रहने एवं खाने का इंतजाम नहीं था। खाने-पीने का इंतजाम नहीं होने से इन मजदूरों को पैदल ही अपने गृह प्रदेशों के लिए रवाना होना पड़ा था।

operation sheesh mahal

केजरीवाल के बंगले के रेनोवेशन पर खर्च हुए 45 करोड़ रुपए।

कोरोना की पहली लहर खत्म हुई थी और दूसरी आने वाली थी

टाइम्स नाउ के कंसल्टिंग एडिटर बीरेंद्र चौधरी ने अपने कार्यक्रम 'मुद्दे की बात' में केजरीवाल सरकार की इसी संवेदनहीनता पर चैनल की एग्जीक्यूटिव एडिटर पद्मजा जोशी से बात की। जोशी ने बताया कि जिस समय केजरीवाल के बंगले पर 45 करोड़ रुपए की राशि खर्च की गई, वह समय बहुत ही पीड़ादायक था। उन्होंने कहा कि बंगले में मरम्मत एवं निर्माण के लिए जो वक्त चुना गया वह काफी परेशान करने वाला है। यह वह समय था जब कोरोना का पहली लहर खत्म हुई थी और दूसरी लहर आने वाली थी।

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