दिल्ली

Delhi Metro: खुलकर नाचो पर मेट्रो में नहीं, DMRC ने रील्स मेकर को चेताया

दिल्ली मेट्रो कॉर्पोरेशन ने कहा कि मेट्रो यात्रा के लिए है 'ट्रेंड' के लिए नहीं। इसलिए अगली बार हम रील न बनाएं और न ही उन्हें प्रोत्साहित करें क्योंकि एक सहज और सुरक्षित यात्रा कुछ सेकंड की प्रसिद्धि से अधिक मायने रखती है।

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दिल्ली मेट्रो (फाइल फोटो)

Delhi Metro: दिल्ली मेट्रो में सफर के दौरान कई बार रील्स बनाने की खबरें सामने आईं। ट्रेन में रील्स का ट्रेंड सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। लिहाजा, दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने यात्रियों को मेट्रो में यात्रा के दौरान रील नहीं बनाने को कहा है। डीएमआरसी ने बुधवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि मेट्रो यात्रा के लिए है 'ट्रेंड' के लिए नहीं। इसलिए अगली बार हम रील न बनाएं और न ही उन्हें प्रोत्साहित करें क्योंकि एक सहज और सुरक्षित यात्रा कुछ सेकंड की प्रसिद्धि से अधिक मायने रखती है।

डीएमआरसी ने इस पोस्ट के साथ एक पोस्टर भी साझा किया जिस पर लिखा था ‘नो रील्स ऑन द व्हील्स। एक पोस्टर में मेट्रो स्टेशन पर गिटार बजाते हुए एक व्यक्ति का चित्र है जिसके साथ ‘कैप्शन’ लिखा है, ‘आपका प्रदर्शन मेट्रो से भी बड़े मंच का हकदार है। एक अन्य पोस्टर में एक लड़की नृत्य करते दिखाई दे रही है, जिसके साथ संदेश लिखा है, ‘‘खुलकर नाचो, लेकिन मेट्रो में नहीं। डीएमआरसी ने कई मेट्रो स्टेशन पर पोस्टर भी लगाए हैं जिनमें यात्रियों को रील बनाने और दूसरों को असुविधा पहुंचाने से मना किया गया है। दिल्ली मेट्रो ने यात्रियों को ट्रेन में यात्रा करते समय रील बनाने के खिलाफ कई बार चेतावनी दी है।

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Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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