Delhi Authority News: दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने यमुना के डूब क्षेत्र में लगभग 900 एकड़ में मयूर प्रकृति पार्क विकसित करने का फैसला लिया है। इस परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र को खूबसूरत बनाने के अलावा यमुना डूब क्षेत्र को संरक्षित करना भी है। इस क्षेत्र के संरक्षण को लेकर चल रही दस परियोजनाओं में ये सबसे बड़ी परियोजना है। मयूर पार्क की लागत लगभग 136.8 करोड़ रुपये आएगी। इसमें हर आयु वर्ग के लिहाज से अलग-अलग क्षेत्र बनाए जाएंगे।
यमुना किनारे बनेगा मयूर 371 हेक्टेयर का मयूर पार्क (सांकेतिक तस्वीर)
22 किलोमीटर का इलाका होगा कवर
यमुना के डूब क्षेत्र के संरक्षण के लिए DDA यहां 371 हेक्टेयर यानी 916.7 एकड़ के क्षेत्रफल में एक खूबसूरत मयूर पार्क को विकसित करेगा। जिसका मुख्य उद्देश्य इस जगह का संरक्षण है। इसके अंतर्गत 22 किलोमीटर का डूब क्षेत्र का इलाका कवर किया जाएगा। यहां बच्चों, बड़ों और बुजुर्गों के लिहाज से कई खास क्षेत्र बनाए जाएंगे। इससे पहले यमुना डूब क्षेत्र में यमुना वाटिका पार्क और अमृत पार्क को भी प्राधिकरण ने शुरू किया है। मयूर प्रकृति पार्क परियोजना पर 136.8 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
रहेंगी ये सुविधाएं
पार्क को आयु वर्ग के लिहाज से आठ-नौ खास क्षेत्रों में बांटा गया है जहां हर उम्र के लोगों के लिहाज से विशेष सुविधाएं रहेंगी। खुले मैदान, तालाब, साइकिल ट्रैक, योग और ध्यान क्षेत्र, एक्टिविटी लॉन और बाहरी व्यायाम क्षेत्र जैसी कई सुविधाएं रहेंगी। इलसे अलावा यहां पर्यावरण से जुड़े और कई अलग तरह के भी आयोजनों की व्यवस्था रहेगी। कई मूर्तियां और कलाकृतियों से पार्क को सजाया जाएगा। पूरे परिसर में घूमने के लिए साइकिल स्टेशन भी बनाए जाएंगे और जानवरों-चिड़ियों को देखने के लिए भी पथ सहित कई सुविधाएं मिलेंगी।
अगले साल काम होगा पूरा
DDA ने अक्टूबर 2026 तक इस परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य रखा है। मयूर प्रकृति पार्क को सुगम बनाने के लिए इसे बारापुला फेज-3 फ्लाईओवर और दिल्ली मेट्रो की पिंक लाइन से जोड़ने की तैयारी भी चल रही है। इस पार्क के बन जाने पर दिल्लीवालों को एक नया पिकनिक स्पॉट तो मिल ही जाएगा, साथ ही इससे पर्यटन बढ़ने की भी उम्मीद है।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। शहर (Delhi News) अपडेट और चुनाव (Elections) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।
