Delhi News: दक्षिण दिल्ली, राजधानी के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक है। कई फ्लाईओवर और अंडरपास बनने के बावजूद साउथ दिल्ली में जगह-जगह लोगों को अब भी भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ता है। लंबे समय से चली आ रही इसी ट्रैफिक जाम की समस्या को करने के लिए दिल्ली सरकार ने एक अहम परियोजना की घोषणा की है। साउथ दिल्ली में दिल्ली सरकार आउटर रिंग रोड के 7.2 किमी लंबे हिस्से का पुनर्विकास करने जा रही है। चलिए जानते हैं इस परियोजना के बारे में और इससे किन-किन इलाकों को लाभ मिलेगा।
दिल्ली में दो फ्लाईओवरों को जोड़ने की योजना
दिल्ली सरकार ने साउथ दिल्ली में आटर रिंग रोड के जिस 7.2 किमी हिस्से के पुनर्विकास की योजना बनाई है, वह मोदी मिल फ्लाईओवर से सावित्री सिनेमा के पास IIT गेट तक फैला हुआ है। बता दें कि इसे दक्षिण दिल्ली के सबसे व्यस्त हिस्सों में से एक माना जाता है। यहां हर रोज हजारों लोगों को भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ता है।
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इन इलाकों से गुजरेगा कॉरिडोर
इस कॉरिडोर का महत्व समझना हो तो पहले यह जान लें कि यह दक्षिण दिल्ली के किन-किन इलाकों से गुजरता है। ज्ञात हो कि कॉरिडोर ग्रेटर कैलाश, मालवीय नगर, सीआर पार्क, चिराग दिल्ली, पम्पोश एन्क्लेव और कालकाजी जैसे घनी आबादी वाले और पॉश इलाकों से होकर गुजरता है। फिलहाल इस रूट से हर रोज दो लाख से ज्यादा गाड़ियां गुजरती हैं, जिसके चलते सुबह और शाम के पीक ऑवर्स में यातायात की स्थिति बहुत ज्यादा खराब हो जाती है। इसका असर न सिर्फ स्थानीय यात्रियों पर पड़ता है, बल्कि नोएडा, गुरुग्राम और IGI एयरपोर्ट की ओर जाने वाले यात्रियों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
दो हाफ फ्लाईओवर भी बनेंगे
सरकार की योजना मौजूदा मोदी मिल फ्लाईओवर को आगे बढ़ाकर कालकाजी मंदिर फ्लाईओवर तक बढ़ाने की है। इस एक्सटेंशन का उद्देश्य प्रमुख ट्रैफिक बॉटलनेक्स को बायपास करना और गाड़ियों की बिना रोक-टोक आवाजाही सुनिश्चित करना है। आउटर रिंग रोड पर दो ‘हाफ फ्लाईओवर’ भी बनाए जाएंगे - जिनमें से एक कालकाजी मंदिर चौराहे पर और दूसरा सावित्री सिनेमा जंक्शन पर। इन फ्लाईओवरों से प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक का दबाव कम होने की उम्मीद की जा रही है।
परियोजना की लागत
इस पूरी परियोजना की अनुमानित लागत 371.75 करोड़ रुपये बताई गई है। परियोजना को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा, ताकि निर्माण कार्य के दौरान ट्रैफिक कम से कम प्रभावित हो।
इन्हें होगा फायदा
इस परियोजना से ग्रेटर कैलाश, चिराग दिल्ली, हौज खास, सफदरजंग, कालकाजी और ईस्ट ऑफ कैलाश जैसे इलाकों के निवासियों को सीधा फायदा मिलेगा। इसके साथ ही, नोएडा, फरीदाबाद, बदरपुर और गुरुग्राम की कनेक्टिविटी भी बेहतर हो जाएगी। ट्रैफिक सुगम होने से IGI एयरपोर्ट तक पहुंचने में लगने वाला समय भी घटेगा, जिससे दक्षिण दिल्ली और आसपास के इलाकों के यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
