BRICS Summit 2026: देश की राजधानी दिल्ली सितंबर में आयोजित होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 (BRICS Summit) की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार हो रही है। इस महत्वपूर्ण वैश्विक आयोजन को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने वरिष्ठ अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की।
यातायात, सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष जोर
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने बैठक के दौरान सभी प्रमुख आयोजन स्थलों, अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के ठहरने के स्थानों और उनके आवागमन वाले मुख्य मार्गों पर पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए। रोजाना के आवागमन के दौरान आम जनता को असुविधा न हो और यातायात बिना रुके चले, इसके लिए ट्रैफिक पुलिस को समयबद्ध योजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। आयोजन स्थलों और ट्रांजिट कॉरिडोर पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ-साथ नागरिक सुविधाओं और स्वच्छता के उच्च मानकों को बनाए रखने पर बल दिया गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रमुख स्थानों पर आपातकालीन चिकित्सा टीमों और एम्बुलेंस सेवाओं को तत्पर रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।
'अतिथि देवो भव:' के संकल्प से होगा स्वागत
समीक्षा बैठक के बाद दिल्ली के एलजी तरनजीत सिंह संधू ने सोशल मीडिया मंच 'X' पर जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा कि "राष्ट्रीय विजन और प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए, समिट के लिए दिल्ली को चुने जाने के महत्व और सभी स्तरों पर अलग-अलग एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और समय पर काम पूरा करने की जरूरत पर जोर दिया गया। सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि वे मुख्य जगहों और आने-जाने के रास्तों पर सुचारू ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था, शहर के रखरखाव और आपातकालीन चिकित्सा तैयारियों को सुनिश्चित करें।
'अतिथि देवो भव:' की हमारी सदियों पुरानी परंपरा के अनुरूप, दिल्ली आने वाले सभी प्रतिनिधियों का व्यवस्थित, सुरक्षित और गर्मजोशी से स्वागत करने के लिए पूरी तरह तैयार है।"
जानिए कितना बड़ा हो चुका है ब्रिक्स का कुनबा?
ब्रिक्स (BRICS) दुनिया की उभरती हुई 11 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं का एक शक्तिशाली मंच है। स्थापना और नामकरण: इसकी शुरुआत वर्ष 2006 में ब्राजील, रूस, भारत और चीन (BRIC) के बीच आपसी सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से हुई थी। वर्ष 2011 में दक्षिण अफ्रीका के शामिल होने के बाद यह समूह BRICS के नाम से जाना जाने लगा। जनवरी 2024 में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) इसके पूर्ण सदस्य बने। जनवरी 2025 में इंडोनेशिया भी इसका पूर्ण सदस्य बना, जिससे इसके पूर्णकालिक सदस्यों की संख्या 11 हो गई। वर्ष 2025 में बेलारूस, बोलीविया, कजाकिस्तान, क्यूबा, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम को ब्रिक्स में 'साझेदार देशों' के रूप में शामिल किया गया।
