Delhi News: दिल्ली सरकार में मंत्री और भाजपा नेता प्रवेश वर्मा की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। दिल्ली उच्च न्यायालय (High Court) ने थप्पड़कांड पर एक व्यक्ति की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है और मामले में अब तक की गई कार्रवाई की विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि एक सड़क निरीक्षण के दौरान मंत्री प्रवेश वर्मा ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें थप्पड़ मारा।
सड़क निरीक्षण के दौरान प्रवेश वर्मा ने वीडियो बना रहे शख्स को मारा था थप्पड़
याचिकाकर्ता के गंभीर आरोप और मांगें
उच्च न्यायालय में दायर याचिका मेंशिकायतकर्ता ने घटना का ब्यौरा देते हुए अदालत के समक्ष कई मांगे रखी हैं। जिसमें स्वतंत्र जांच की मांग की गई है, ताकि मंत्री प्रवेश वर्मा के प्रभाव से परे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए। याचिकाकर्ता ने अपनी जान-माल के खतरे की आशंका जताते हुए अदालत से पुलिस सुरक्षा प्रदान करने की गुहार लगाई है। शिकायत पर तत्काल उचित धाराओं के तहत कार्रवाई की जाए।
दिल्ली हाईकोर्ट का कड़ा रुख
मामले की सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट की पीठ ने याचिका को स्वीकार कर लिया और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर दिया। अदालत ने पुलिस से स्पष्ट रूप से कहा है कि याचिकाकर्ता की शिकायत पर अब तक क्या कदम उठाए गए हैं और वर्तमान में मामले की क्या स्थिति है, इसकी रिपोर्ट अगली सुनवाई तक अदालत के समक्ष प्रस्तुत की जाए।
क्या है मामला?
दिल्ली के लोक निर्माण विभाग मंत्री प्रवेश वर्मा तिलक नगर में एक नई बनी सड़क का निरीक्षण करने पहुंचे थे। वहां आम आदमी पार्टी के स्थानीय विधायक जरनैल सिंह अपने समर्थकों के साथ मौजूद थे। सड़क की घटिया क्वालिटी और भ्रष्टाचार को लेकर माहौल गर्म हो रखा था। तभी प्रवेश वर्मा ने इस बहसबाजी के दौरान वहां वीडियो बना रहे एक युवक- साहिब सिंह को थप्पड़ जड़ दिया। जिसके बाद हंगामा और बढ़ गया।
