दिल्ली सरकार ने जनकपुरी में गड्ढे में हुए जानलेवा हादसे के सिलसिले में तीन दिल्ली जल बोर्ड इंजीनियरों, एक एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, एक असिस्टेंट इंजीनियर और एक जूनियर इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया है। यह कार्रवाई घटना की शुरुआती जांच के बाद अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत की गई है।
दिल्ली बाइक दुर्घटना मामले में 3 इंजीनियर सस्पेंड
दिल्ली के मंत्री परवेश साहिब सिंह ने कहा कि जनकपुरी लाइन रिहैबिलिटेशन प्रोजेक्ट एरिया से जुड़े अधिकारियों- एक एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (AXN),असिस्टेंट इंजीनियर (AE) और जूनियर इंजीनियर (JE) को जांच पूरी होने तक सस्पेंड कर दिया गया है। यह कार्रवाई शुक्रवार सुबह पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी इलाके में सड़क पर चल रहे जल बोर्ड के कंस्ट्रक्शन काम के दौरान एक गहरे गड्ढे में गिरने से एक बाइकर की मौत के बाद की गई है। इस घटना से लोगों में गुस्सा फैल गया और मौके पर सुरक्षा उपायों, बैरिकेडिंग और सुपरविजन पर सवाल उठे।
अधिकारियों ने बताया कि सस्पेंशन एक अंतरिम कदम है और सरकार द्वारा आदेशित उच्च-स्तरीय जांच की फाइंडिंग्स के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है। जांच समिति को दुर्घटना स्थल का इंस्पेक्शन करने, सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने, नियमों के पालन की जांच करने और किसी भी चूक के लिए जिम्मेदारी तय करने का काम सौंपा गया है।
रात के समय, पर्याप्त बैरिकेड्स, चेतावनी के संकेत और रोशनी की क्या व्यवस्था थी?
पुलिस ने पहले बताया था कि उन्हें सुबह करीब 7 बजे दुर्घटना के बारे में एक कॉल आया और उन्हें जनकपुरी डिस्ट्रिक्ट सेंटर के पास खुदाई वाली जगह पर बाइकर और उसकी मोटरसाइकिल मिली। जांचकर्ता यह जांच कर रहे हैं कि क्या उस जगह पर, खासकर रात के समय, पर्याप्त बैरिकेड्स, चेतावनी के संकेत और रोशनी की व्यवस्था थी।
बाइक से जा रहा एक युवक सड़क किनारे बने गड्ढे में गिर गया
दिल्ली के जनकपुरी इलाके में गुरुवार रात एक दर्दनाक हादसे से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के अनुसार, बाइक से जा रहा एक युवक सड़क किनारे बने गड्ढे में गिर गया, जिससे उसकी मौके पर ही जान चली गई। मृतक के परिजनों का कहना है कि युवक के अचानक लापता होने के बाद वे पूरी रात अलग-अलग थानों में भटकते रहे, लेकिन कहीं से कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी। सुबह पुलिस का फोन आया, तब उन्हें युवक के शव मिलने की सूचना दी गई।
जिस गड्ढे में युवक गिरा, वह जल बोर्ड के कार्य के दौरान खोदा गया था
मृतक की पहचान कमल के रूप में हुई है, जो रोहिणी स्थित एक बैंक के कॉल सेंटर में काम करता था। बताया जा रहा है कि जनकपुरी क्षेत्र में कई प्रमुख सड़कों पर लंबे समय से पीडब्ल्यूडी और दिल्ली जल बोर्ड के काम चल रहे हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि जिस गड्ढे में युवक गिरा, वह जल बोर्ड के कार्य के दौरान खोदा गया था। मौके पर न तो कोई बैरिकेडिंग थी और न ही चेतावनी संकेत लगाए गए थे, जिससे अंधेरे में गड्ढा दिखाई नहीं दिया और हादसा हो गया। पुलिस के अनुसार, सुबह 8 बजकर 3 मिनट पर जनकपुरी थाने को सूचना मिली कि एक बाइक सवार सड़क किनारे बने गड्ढे में गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया है। पुलिस ने तुरंत युवक को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
दुर्घटना स्थल पर मौजूद गड्ढे को भी ग्रीन मेश के जरिए घेरा गया था
प्रारंभिक जांच के अनुसार, जिस सड़क पर निर्माण कार्य चल रहा था, उसे बैरिकेड्स और ग्रीन मेश लगाकर बंद किया गया था। इसके साथ ही दुर्घटना स्थल पर मौजूद गड्ढे को भी ग्रीन मेश के जरिए घेरा गया था। घटना किन हालातों में हुई और क्या तय सार्वजनिक सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं, इसकी गहन जांच के लिए एक समिति का गठन किया गया है। यह समिति आज शाम तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। हाल में हुई घटनाओं, जिनमें नोएडा की दुर्घटना भी शामिल है, को ध्यान में रखते हुए दिल्ली जल बोर्ड ने सभी कार्य स्थलों पर बैरिकेडिंग और अन्य जरूरी सुरक्षा इंतजामों की नियमित समीक्षा शुरू कर दी है। इस संबंध में पहले ही एक सर्कुलर जारी कर आवश्यक निर्देश दिए जा चुके हैं।
