Barapullah Phase 3: पूर्वी दिल्ली को दक्षिणी दिल्ली से सीधे जोड़ने वाले बारापुला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर की दूसरी लेन, जो आश्रम और एम्स से मयूर विहार की ओर जाती है, इसको बुधवार को यातायात के लिए खोल दिया गया। हालांकि, नई लेन खुलने के बावजूद कॉरिडोर पर चालकों को जाम से कोई खास राहत नहीं मिली। मयूर विहार से एम्स की तरफ जाने वाले मार्ग पर लगातार दूसरे दिन स्थिति विकट बनी रही और साढ़े तीन किलोमीटर लंबे पूरे कॉरिडोर पर वाहन चालक घंटों जाम से जूझते नजर आए।
बारापुला फेज-3 में लग रहा ट्रैफिक जाम
ट्रैफिक संभालने के लिए लगाने पड़े बैरिकेड्स
कॉरिडोर पर बढ़ते दबाव और यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस को मयूर विहार की तरफ फ्लाईओवर की शुरुआत में ही बैरिकेड्स लगाने पड़े। जब भी कॉरिडोर पर गाड़ियों का दबाव बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, तो बैरिकेड लगाकर गाड़ियों की एंट्री रोक दी जाती है। ट्रैफिक सामान्य होने पर जैसे ही बैरिकेड हटाए जाते हैं, कुछ ही देर में फिर से वही स्थिति बन जाती है। बता दें कि 9 साल के लंबे इंतजार के बाद बुधवार को ही बारापुला फेज-3 के मयूर विहार से एम्स और आश्रम जाने वाले रूट को चालू किया गया था। उम्मीद थी कि इससे यमुनापार के लोगों का सफर आसान होगा, लेकिन पहले ही दिन क्षमता से अधिक वाहन पहुंचने से व्यवस्था चरमरा गई और 3 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। दोपहर के समय जाम का असर बारापुला फेज-1 के ज्वाइंट से लेकर यमुना पार कर मयूर विहार तक जा पहुंचा। हालांकि, इस नए फेज-3 के चालू होने से रिंग रोड पर सराय काले खां बस अड्डे के सामने गाड़ियों का दबाव थोड़ा कम जरूर देखा गया है।
क्यों लग रहा है बारापुला फेज-3 पर इतना भीषण जाम?
मयूर विहार की ओर से आने वाले ट्रैफिक को एम्स जाने के लिए बारापुला फेज-1 के 'सूर्य घड़ी क्लोवरलीफ' से जोड़ा गया है। इस क्लोवरलीफ पर पहले से ही सराय काले खां की तरफ से आने वाली गाड़ियां एम्स जाने के लिए चढ़ती हैं। अब फेज-3 की तीन लेन का ट्रैफिक भी इसी जगह मिलने के कारण 5 लेन का यातायात एक ही पॉइंट पर सिमट जाता है, जिससे भीषण बॉटलनेक बन रहा है। दूसरा कारण यह है कि आश्रम, लाजपत नगर और डीएनडी की तरफ से एम्स जाने वाला ट्रैफिक भी इसी क्लोवरलीफ के पास बनी स्लिप रोड से बारापुला फेज-1 पर चढ़ता है। इसके अलावा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का यातायात भी इसी हिस्से में मर्ज हो रहा है। इनके अलावा एक कारण यह भी है कि एक ही जगह पर कई दिशाओं का ट्रैफिक मिलने के कारण क्लोवरलीफ और स्लिप रोड के वाहनों को एक तरफ रोक-रोककर आगे बढ़ाना पड़ रहा है। यही वजह है कि जाम का बैकअप पीछे मयूर विहार तक पहुंच रहा है, जबकि नए कॉरिडोर से आश्रम की ओर उतरने वाली गाड़ियों से आश्रम मोड़ पर भी दबाव बढ़ गया है।
