केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के समीर ऐप के अनुसार आज सुबह 9 बजे दिल्ली का औसत AQI 416 दर्ज किया गया, यह गंभीर श्रेणी में शामिल होता है। इस दौरान दिल्ली के अधिकांश इलाकों में एक्यूआई 400 पार ही दर्ज किया गया।
दिल्ली में ओखला फेज-2 और मुंडका में सबसे ज्यादा जहरीली हवा दर्ज हुई। यहां का एक्यूआई 459 दर्ज किया गया। सुबह के समय दिल्ली के 29 निगरानी केंद्रों में एयर क्वालिटी गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में दिल्ली से भी खराब एयर क्वालिटी नोएडा में रही। यहां का एक्यूआई 428 दर्ज किया गया। सोमवार को यह 366 रिकॉर्ड हुआ था। वहीं ग्रेटर नोएडा में आज एक्यूआई 378 और गाजियाबाद में 416 दर्ज किया गया।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शामिल गुरुग्राम में भी एयर क्वालिटी बेहद खराब स्तर पर पिछले कई दिनों से बनी हुई है। आज सुबह यहां का एक्यूआई 362 दर्ज किया गया। वहीं फरीदाबाद में 251 एक्यूआई दर्ज किया गया, जिसे खराब श्रेणी में माना जाता है।
वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली (AQEWS) के अनुसार दिल्ली में अगले तीन दिन तक एयर क्वालिटी बेहद खराब श्रेणी में ही बने रहने की संभावना है। इसके बाद अगले 6 दिनों के दौरान AQI 'बेहद खराब' और 'गंभीर' श्रेणियों के बीच रहने का अनुमान है।
दिल्ली में पिछले 24 घंटों में एयर क्वालिटी‘बेहद खराब’ श्रेणी में दर्ज की गयी, यहां का औसत एक्यूआई 373 रहा। इस दौरान 39 कार्यरत निगरानी केंद्रों में से 12 में वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज की गई। आनंद विहार में सबसे अधिक एक्यूआई 425 दर्ज किया गया।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए निर्णय सहायता प्रणाली के डाटा के अनुसार, वायु प्रदूषण में सबसे अधिक योगदान वाहनों से होने वाले उत्सर्जन का है। यह कुल प्रदूषण का लगभग 15.7% है। इसके बाद दिल्ली और आसपास के इलाकों में स्थित उद्योगों का योगदान 7.1%, आवासीय स्रोतों का 3.8%, निर्माण गतिविधियों का 2.0% और अपशिष्ट जलाने का 1.3% रहा।