सरकारों का ध्यान देश में रोड इंफ्रास्ट्रक्चर को सुधारने में लगा हुआ है। देश में एक के बाद एक हाईवे और एक्सप्रेसवे बनाए जा रहे हैं। जिनमें दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (
दरअसल किसी भी स्टेट हाईवे को नेशनल हाईवे (NH) में बदलने के लिए एक फॉर्मल प्रोसेस को अपनाया जाता है। इसके लिए राज्य सरकार और केंद्र सरकार को मिलकर काम करना होता है। राज्यों की सड़कों को समय-समय पर नेशनल हाईवे का दर्जा मिलता रहता है। इसके लिए कुछ पहले से तय नियम हैं, जिनका पालन किया जाता है। राज्य के अंदर की सड़कें, जिन्हें स्टेट हाईवे भी कहा जाता है को नेशनल हाईवे में बदलने के लिए NH के स्टैंडर्ड से मैच करने के लिए कुछ मानदंडों पर खरा उतरना पड़ता है।
स्टेट हाईवे, NH में कैसे बदलता है?
सबसे पहले राज्य सरकार को राज्य के अंदर ऐसी सड़क का चुनाव करना होता है, जो नेशनल कनेक्टिविटी, क्षेत्रीय विकास या सामरिक महत्व की दृष्टी से महत्वपूर्ण हो। इन सड़कों का स्टैंडर्ड केंद्र सरकार की ओर से नेशनल हाईवे के लिए तय मानदंड़ों के अनुसार होना चाहिए। किसी भी सड़क को नेशनल हाईवे में बदलने के लिए एक कॉम्प्रीहेंसिव फीजिब्लिटी स्टडी की जाती है, जिसमें इस बदलाव से होने वाले आर्थिक (Economic), पर्यावरणीय (Environmental) और सामाजिक (Social) असर का आकलन किया जाता है। इस स्टडी से बदलाव की व्यवहारिकता और संभावित लाभों को समझने में मदद मिलती है।
हाईवे (Highway)
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार किसी भी स्टेट हाईवे को नेशनल हाईवे में बदलने के लिए कुछ नियम व शर्तें तय हैं, जो हम यहां बता रहे हैं -
- राज्य के अंदर की ऐसी सड़क हो जो पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान के अनुसार हो या देश की लंबाई-चौड़ाई को कवर करती हो।
- राज्य की ऐसी सड़क जो पड़ोसी देशों को जोड़ती हो, देश और राज्य की राजधानी को जोड़ती हो या कई राज्यों की राजधानी व अन्य हिस्सों को कनेक्ट करती हो। ऐसी सड़कों को भी NH में बदला जा सकता है, जो बड़े औद्योगिक क्षेत्रों और पर्यटन केंद्रों को कनेक्ट करती हों।
- उस सड़क का किसी पहाड़ी और दूर-दराज के इलाके में रणनीतिक महत्व हो।
- ऐसी मुख्य सड़कें जो यात्रा के समय में बचत करती हों और पर्याप्त आर्थिक विकास हासिल करने में योगदान दे सकें।
- ऐसी सड़कें जो पिछड़े और पहाड़ी क्षेत्र में एक बड़े भू-भाग तक पहुंचने का रास्ता खोलती हों।
- ऐसी सड़क जो राष्ट्रीय राज मार्ग ग्रिड के तहत 100 किमी की उपलब्धि को हासिल करती हो।
स्टेट हाईवे को NH में बदलना क्यों जरूरी होता है?
कनेक्टिविटी के लिए - देश के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने में राष्ट्रीय राजमार्ग यानी नेशनल हाईवे बड़ी भूमिका निभाते हैं। यह आर्थिक प्रगति को बढ़ावा देते हैं और क्षेत्र विकास में सहायक होते हैं। सरकार स्टेट हाईवे को NH में बदलकर राज्यों और क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर करने, लोगों और उत्पादों के आसानी से एक जगह से दूसरी जगह पहुंचना आसान बनाती है।देश की रक्षा के लिए - नेशनल हाइवे किसी भी तरह की आपात स्थिति या जंग के समय मिलिट्री और सेनाओं के मूवमेंट के लिए महत्वपूर्ण हो जाते हैं। स्टेट हाईवे को नेशनल हाईवे में बदलने से देश की डिफेंस क्षमताओं को बेहतर करने के साथ ही बॉर्डर इलाके और दूर-दराज के क्षेत्रों तक कनेक्टिविटी आसान हो जाती है।

हाईवे (Highway)
आर्थिक प्रगति के लिए - व्यापार और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए NH बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। स्टेट हाईवे को नेशनल हाईवे में बदलकर सरकार उत्पादों और सेवाओं की आवाजाही आसान बनाती है। ऐसा करने से विभिन्न क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ाने और निवेश आकर्षित करने में मदद मिलती है।
बेहतर सड़कों के लिए - आमतौर पर नेशनल हाईवे की मैनटेनेंस ज्यादा अच्छी होती है, यहां पर सुविधाएं भी अच्छी होती हैं। नेशनल हाईवे पर रेस्ट एरिया, सर्विस स्टेशन, प्रॉपर साइनेज लगे होते हैं, जबकि स्टेट हाईवेज पर इतनी सुविधाएं नहीं होती हैं। नेशनल हाईवे पर यात्रा का अनुभव स्टेट हाईवे से अच्छा होता है और यह यात्रा का समय भी बचाता है।
क्षेत्रीय विकास के लिए - स्टेट हाईवे को नेशनल हाईवे में अपग्रेड करने से क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलता है। इससे आसपास के इलाकों का तेजी से विकास संभव होता है। नेशनल हाईवे के आसपास कई तरह की बिजनेस एक्टिविटी, उद्योग-धंधे और अन्य आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है।
सुरक्षा और एक्सीडेंट की आशंका कम - नेशनल हाईवे को सभी सुरक्षा पैरामीटर्स को ध्यान में रखकर डेवलप किया जाता है। यही कारण है कि स्टेट हाईवे के मुकाबले नेशनल हाईवे पर एक्सीडेंट की आशंका भी कम हो जाती है। इनकी मैनटेनेंस भी अच्छी होती है।
