उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को हाथरस के सलेमपुर औद्योगिक क्षेत्र पहुंचे। इस दौरान उन्होंने जिले को 548 करोड़ रुपये की लागत वाली 143 विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात दी। सीएम योगी ने इन परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलांयास करने के साथ ही स्थानीय उत्पादों के स्टॉल का निरीक्षण किया, सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को चेक बांटे और नन्हे बच्चों का अन्नप्राशन भी कराया।
हाथरस में बोले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (स्क्रीनग्रैब: ANI)
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पूरी तरह चुनावी और आक्रामक अंदाज में नजर आए। उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा अयोध्या को लेकर 'X' पर किए गए पोस्ट को आड़े हाथों लेते हुए उन पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। आइए जानते हैं पूरा मामला।
राम मंदिर चंदा गबन मामले के सामने आने के बाद से ही सपा पर्याप्त सत्ता पक्ष को घेरते हुए हमलावर दिख रही है। इसी कड़ी में शनिवार को अखिलेश यादव ने X पर पोस्ट किया था कि वे सपा की सरकार बनने पर अयोध्या को धर्मनगरी के रूप में विकसित करेंगे।
इसी पोस्ट को लेकर मुख्यमंत्री योगी ने पलटवार किया है। उन्होंने हाथरस में एक सभा को संबोधित करते हुए सपा पर तंज किया, "मैं कल समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी का एक बयान पढ़ रहा था। वह कह रहे थे कि उनकी सरकार आएगी तो अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाएगी। अरे आप क्या धार्मिक नगरी बनाएंगे? आपने तो अपना इतिहास देखे। राम भक्तों पर गोली आप ही के लोगों ने चलाई थी।"
योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि सपा सरकार के समय कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया गया था और थानों व जेलों में कृष्ण जन्माष्टमी के आयोजनों को भी रोक दिया गया था।
उन्होंने पहले की सरकारों पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि "आपने तो थानों में और जेलों में कृष्ण जन्माष्टमी के आयोजन को भी रोक दिया था। कावड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया था।
जो आज जब हमारे जनप्रतिनिधि कह रहे थे ना कि हाथरस में 22 से ज्यादा मंदिरों का सुंदरीकरण हुआ। क्या यह समाजवादी पार्टी के समय में संभव था क्या? उनके समय में नहीं था क्योंकि उस समय यह पैसा कब्रिस्तान की बाउंड्री वाल के लिए जाता था और वही तो हमने मंदिरों की तरफ डायवर्ट किया है। वही पैसा हमने ने इधर इधर भेजा है कि कब्रिस्तान की आवश्यकता नहीं। मंदिर आस्था के केंद्र हैं।"
मुख्यमंत्री ने सपा प्रमुख को अयोध्या के बजाय मथुरा के विषय पर घेरते हुए चुनौती दी। उन्होंने कहा कि अयोध्या को तो रामभक्तों ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सजा और संवार दिया है, इसलिए अखिलेश यादव को अब उसकी चिंता छोड़कर अपने अतीत का पश्चाताप करना चाहिए और एक बार रामलला के दर्शन कर सद्बुद्धि मांगनी चाहिए।
