ओडिशा से लेकर राजस्थान और गुजरात तक सेंट्रल इंडिया के कई राज्यों में इन दिनों बारिश का दौर जारी है। ऐसे में आपने मन में भी सवाल उठता होगा कि आखिर समूचे मध्य भारत में भारी बारिश का कारण क्या है? इस प्रश्न का सीधा उत्तर यह है कि बंगाल की खाड़ी से उठा एक मजबूत मौसम सिस्टम है, जो अब डीप डिप्रेशन में बदलकर पश्चिम की ओर बढ़ रहा है। भारत मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 29 जुलाई की सुबह यह सिस्टम छत्तीसगढ़ के मध्य हिस्सों और उससे लगे उत्तर आंतरिक ओडिशा के ऊपर सक्रिय था। इसके अगले 24 घंटे में लगभग पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश को पार करने की संभावना जतायी गई है।
जानें क्यों हो रही सेंट्रल इंडिया में भारी बारिश
इसी सिस्टम के असर से इन दिनों सिर्फ एक राज्य में नहीं, बल्कि ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, विदर्भ और आगे गुजरात तक बारिश का प्रभाव देखने को मिल रहा है। IMD ने 28 जुलाई के पूर्वानुमान में ओडिशा, छत्तीसगढ़, पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश, विदर्भ तथा गुजरात क्षेत्र में अलग-अलग दिनों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई थी।
कहां तक पहुंचा Deep Depression?
IMD के मुताबिक 29 जुलाई को सुबह 8:30 बजे डीप डिप्रेशन छत्तीसगढ़ के मध्य हिस्से और उत्तर आंतरिक ओडिशा के आसपास केंद्रित था। इसका केंद्र छत्तीसगढ़ में रायगढ़ के पास उसरौत में था। यह रायगढ़ से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में, चांपा से करीब 60 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व, संबलपुर से 80 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम और बिलासपुर से करीब 120 किलोमीटर पूर्व में था।
पिछले छह घंटे में यह सिस्टम करीब 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम दिशा की ओर बढ़ा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 घंटे में इसकी दिशा लगभग पश्चिम की ओर बनी रहेगी और यह छत्तीसगढ़ होते हुए पूर्वी मध्य प्रदेश की तरफ आगे बढ़ेगा।
ओडिशा से गुजरात तक क्यों बढ़ेगी बारिश की गतिविधियां?
बंगाल की खाड़ी में बना यह सिस्टम अपने साथ काफी मात्रा में नमी लेकर जमीन के ऊपर आगे बढ़ रहा है। जैसे-जैसे यह डीप डिप्रेशन पश्चिम दिशा की तरफ बढ़ेगा, इसके प्रभाव वाले इलाकों में बादल बनने और बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना बनी रहेगी।
किस दिन कहां ज्यादा बारिश की संभावना
IMD के अनुसार 28 जुलाई को ओडिशा, 28-29 जुलाई को छत्तीसगढ़, 29 जुलाई को पूर्वी मध्य प्रदेश, 29-30 जुलाई को विदर्भ, 30 जुलाई को पश्चिमी मध्य प्रदेश और 31 जुलाई को गुजरात क्षेत्र में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
IMD की सैटेलाइट इमेज में दिख रहा मौसम संबंधी सिस्टम का असर
मध्य प्रदेश से गुजरात तक असर
इस मौसम संबंधी सिस्टम का रास्ता ही बताता है कि बारिश का प्रभाव पूर्व से पश्चिम की ओर क्यों बढ़ रहा है। पहले ओडिशा और छत्तीसगढ़ प्रभावित हुए, इसके बाद सिस्टम के पश्चिम की ओर बढ़ने पर मध्य प्रदेश और विदर्भ में बारिश बढ़ेगी। आगे इसका असर गुजरात क्षेत्र तक पहुंचने की संभावना है।
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इससे मध्य भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश के साथ जलभराव, नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी और निचले इलाकों में परेशानी की स्थिति बन सकती है। 27 जुलाई को ही IMD ने छत्तीसगढ़ और गुजरात क्षेत्र में भारी बारिश होने की जानकारी दी थी।
सिस्टम कमजोर होगा या और बढ़ाएगा बारिश?
डीप डिप्रेशन जमीन के ऊपर आगे बढ़ने के साथ धीरे-धीरे कमजोर हो सकता है, लेकिन इसकी वजह से बनी नमी और व्यापक बारिश की गतिविधियां कुछ समय तक जारी रह सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार कम से कम 2 अगस्त तक इन क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। सिस्टम का केंद्र भले ही आगे निकल जाए, इसके प्रभाव वाले राज्यों में मानसूनी बारिश तुरंत खत्म होना जरूरी नहीं है।
यही वजह है कि ओडिशा से छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, विदर्भ होते हुए गुजरात तक बारिश की पूरी कड़ी बनती दिखाई दे रही है। आने वाले दिनों में सिस्टम की दिशा और गति के आधार पर बारिश की तीव्रता में बदलाव देखने को मिल सकता है।
