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Badaun Double Murder: बीबी प्रेग्नेंट है, भाभी पैसे चाहिए...फिर छत से आई चीखने की आवाज, बच्चों का गला रेतने से पहले हत्यारे ने रची झूठी कहानी

Budaun Double Murder Case latest Update : बदायूं में दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने से पहले आरोपी साजिद ने झूठी कहनी रचकर परिवार को गुमराह किया था। आइये जानते हैं कि वारदात को अंजाम देने से पहले आरोपी बच्चों की मां से क्या क्या कहा?

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बदायूं मर्डर केस पर आंखों देखी

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Budaun Double Murder Case latest Update : बदायूं में दो सगे भाईयों की निर्मम हत्या से हालात तनावपूर्ण हैं। हालांकि, पुलिस ने बच्चों के हत्यारे साजिद को मंगलवार को ही एनकाउंटर में मार गिराया था। इस वारदात को अंजाम देने में आरोपी साजिद का एक और भाई शामिल था, जो फरार चल रहा है। इस हत्याकांड के बाद वारदात से जुड़ी तमाम परतें खुलती जा रही हैं। वहीं, हत्यारोपी साजिद के चंगुल से जिंदा बचे बच्चे और उसकी मां ने बड़े खुलासे किये हैं। पीड़ित बच्चे का कहना है कि वारदात के दौरान वह घर पर ही मौजूद था। जब उसके भाई आयुष और आहान का कत्ल किया जा रहा था तो छत पर चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। जिस पीयूष दौड़कर छत पर पहुंचा। पीयूष का कहना है कि ऊपर पहुंचते ही आरोपी ने उसे भी दबोच लिया और चाकू से वार किया, लेकिन वह साजिद को धक्का देकर नीचे भागा और मां को वारदात की जानकारी देते हुए दरवाजे बंद कर लिए। जानकारी के मुताबिक, साजिद और उसका भाई तीनों भाइयों की हत्या के इरादे से घर में दाखिल हुआ था। इस वारदात के संबंध में पीड़ित मां ने रो-रोकर पूरी दास्तां सुनाई है। आइये जानते हैं कि हत्याकांड को अंजाम देने से पहले आरोपियों ने परिवार के साथ क्या-क्या किया ?

बीबी का हवाला देकर रची मर्डर की कहानी

मृतक बच्चों की मां का कहना है कि शाम करीब 6 बजकर 30 मिनट पर साजिद उनके घर पर आया। मां के मुताबिक, आरोपी साजिद ने कहा कि उसकी पत्नी प्रेगनेंट है और उसकी आज डिलीवरी होनी है। लिहाजा, उसे कुछ रुपये की जरूरत है। इस पर बच्चों की मां संगीता ने अपने पति विनोद को कॉल कर पैसे के लेनदेन के बारे में बताया। इस पर उनके पति ने कहा-पड़ोसी हैं 5000 रुपये दे दीजिए। इसके बाद साजिद से चाय के लिए पूछा तो उसने हामी भरी और कहा कि अस्पताल जाने में अभी देरी है। करीब 11 बजे तक डॉक्टर ने समय दिया है। लिहाजा, मैं अभी यहीं ठहरा हूं। आरोपी ने यह भी कहा कि उसके मोबाइल पर नेटवर्क नहीं आ रहे हैं। लिहाजा, वह छत पर जाकर बात करना चाहता है। उसके थोड़ी देर बाद उनका बेटा पीयूष घायल अवस्था में दौड़ते हुए आकर वारदात की जानकारी दी। उसने बताया कि सैलून वाले भइया ने दादा (भाइयो ) का हाथ काट दिया है, उन्हें मार दिया है। वो मुझे भी मारने की कोशिश में था। बच्चे की बात सुन मां ने सभी दरवाजे बंद कर लिए। संगीता ने बताया कि उन्हें ऐसी घटना का कतई अंदेशा नहीं था। इतनी ही नहीं उन्होंने खुद साजिद और उसके भाई के हाथों में चाकू देखा। भागते हुए साजिद ने संगीता से कहा कि आज उसने अपना काम पूरा कर लिया है।

बच्चों से घुला मिला था आरोपी

वहीं, आरोपी के चंगुल से जिंदा बचे आयुष और आहान के छोटे भाई व घटना के चश्मदीद पीयूष का कहना है कि आरोपी ने सबसे पहले उसके बड़े भाई से छत पर चाय मंगवाई और फिर छोटे भाई से पानी को पानी लेने के लिए नीचे भेज दिया। जब दोनों बारी-बारी से चाय और पानी लेकर पहुंचे तो साजिद ने उस्तरे से गला काटकर हत्या कर दी। हालांकि, पुलिस ने हत्यारे साजिद को एनकाउंटर में ढेर कर दिया। जानकारी के मुताबिक, आरोपी साजिद घटनास्थल से थोड़ी ही दूर पर सैलून की दुकान चलाता था, जहां अक्सर बच्चों का आना जाना रहता था। घायल पीयूष के मुताबिक, वह और उसके भाई वहीं से बाल कटवाते थे। इसलिए सभी साजिद से घुले मिले थे।

तंत्र-मंत्र के चक्कर में मर्डर होने की चर्चा

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, साजिद के दो नवजात बच्चों की पूर्व में मौत हो चुकी थी। अब एक बार फिर उसकी पत्नी गर्भवती है। उसका प्रसव होना था। लोगों में चर्चा है कि उसका होने वाला तीसरा बच्चा जीवित रहे इसलिए साजिद तंत्र मंत्र का सहारा लिया। तंत्र-मंत्र के चक्कर में उसने आयुष और आहान की हत्या की है। हालांकि, इसका असली कारण क्या है यह तो दूसरे आरोपी के पकड़ में आने बाद ही खुलासा हो पाएगा।

एनकाउंटर में आरोपी ढेर

वहीं, बरेली जोने के आईजी डॉक्टर राकेश सिंह ने बताया कि घटना के कुछ घंटों बाद साजिद (22) नाम के एक आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। उन्होंने कहा कि घटना के बाद दो बच्चों की नृशंस हत्या का अभियुक्त खून से लथपथ साजिद अपने भाई के साथ मौके से भाग गया। हमारी टीम को जब पता चला और उसका पीछा किया तो वह शेखूपुर के जंगल में दिखाई दिया। वहां हमारी एसओजी और थाना पुलिस पीछा करती हुई पहुंची तो अभियुक्त ने पुलिस पर फायर किया और फिर पुलिस की जवाबी गोलीबारी में वह घायल हो गया और उसकी मृत्यु हो गयी। आईजी ने बताया कि साजिद पुत्र बाबू घटना का आरोपी था। खून से लथपथ भाग रहा था तो लोगों ने बताया कि एक व्यक्ति खून से लथपथ भाग रहा है तो उसका पीछा किया गया। उन्होंने बताया कि घटना के कारणों का पता किया जा रहा है। इस बीच, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) प्रशांत कुमार ने बताया कि घटना रात क़रीब आठ बजे के आसपास हुई, जिसमें साजिद नाम के व्यक्ति ने अपनी दुकान के सामने रहने वाले व्यक्ति के घर में जाकर उसके बच्चों पर हमला किया, जिसमें दो बच्चों के मृत्यु हो गई और एक घायल है।

आरोपी की मां ने एनकाउंटर को जायज ठहराया

बदायूं के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी ने कहा कि हमने साजिद और जावेद के पिता बाबू और उनके चाचा कयामुद्दीन को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। यह कदम जावेद को गिरफ्तार करने के प्रयासों के तहत उठाया गया है।पुलिस ने जावेद और साजिद दोनों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी की मां नाजरीन ने बताया कि मुझे नहीं पता कि उनके दिमाग में क्या चल रहा था। उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है। जिन बच्चों के साथ यह घटना घटी, उसका मुझे बेहद अफसोस है। पुलिस मुठभेड़ के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उसने जो गलत किया, उसका सही परिणाम उन्हें मिला।

कानून व्यवस्था को लेकर पक्ष-विपक्ष आमने सामने

उधर, इस बीच कुछ हिंदूवादी संगठनों ने आज सुबह इस घटना के विरोध में प्रदर्शन किया। समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल सिंह यादव ने इस घटना को लेकर सरकार पर निशाना साधा। यहां संवाददाताओं से उन्होंने कहा कि बदायूं में हुई घटना बहुत दुखद है, लेकिन सरकार की कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। इस तरह की घटनाओं से यह साफ है।’’मुठभेड़ के सवाल पर उन्होंने कहा कि मैं जिला और पुलिस प्रशासन को इस कार्रवाई के लिए बधाई देता हूं, लेकिन इस घटना के पीछ की सच्चाई भी सामने आनी चाहिए। इस बीच, नाबालिगों के शवों का पोस्टमार्टम के बाद आज सुबह अंतिम संस्कार कर दिया गया। भारी पुलिस बलों की मौजूदगी में गंगा नदी के कच्छल घाट पर परिजनों द्वारा अंतिम संस्कार किया गया।यह मामला दो अलग-अलग समुदायों से जुड़ा होने के मद्देनजर क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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