बिहार में आज का मौसम (22 Feb 2026): बिहार में मौसम की चाल अब तेजी से बदल रही है और ठंड की विदाई के साथ ही गर्मी ने दस्तक दे दी है। राज्य के विभिन्न जिलों से आ रहे आंकड़े बता रहे हैं कि इस बार पारा सामान्य से कहीं ज्यादा तेजी से चढ़ रहा है। राजधानी पटना में तो न्यूनतम तापमान ने पिछले 15 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जिससे यह साफ है कि फरवरी के महीने में ही लोगों को मार्च जैसी गर्मी का अहसास होने लगा है।
बिहार में बढ़ी गर्मी
सीमांचल में बढ़ी तपिश और पटना का रिकॉर्ड
बिहार के अलग-अलग हिस्सों में तापमान में बदलाव की रफ्तार भी अलग-अलग देखी जा रही है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, पूर्वी बिहार और सीमांचल के इलाकों में गर्मी का असर सबसे ज्यादा है। पूर्णिया में पिछले 24 घंटों के भीतर रात के तापमान में करीब 4 डिग्री सेल्सियस का उछाल आया है, जबकि किशनगंज और नालंदा जैसे जिलों में यह बढ़ोतरी 6 डिग्री से भी ज्यादा रही। वहीं, पटना में शनिवार को न्यूनतम तापमान 18.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले 15 वर्षों में फरवरी के महीने का सबसे अधिक तापमान है।
फारबिसगंज रहा सबसे गर्म, पछुआ हवाओं का असर
दिन के तापमान की बात करें तो फारबिसगंज 31.6 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे गर्म इलाका बना हुआ है। पटना, गया और पूर्णिया जैसे प्रमुख शहरों में भी पारा 30 डिग्री के करीब या उससे पार पहुंच चुका है। हालांकि, राज्य में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही पछुआ हवाओं के कारण मौसम फिलहाल शुष्क बना हुआ है। इन हवाओं की वजह से सुबह और शाम के वक्त हल्की 'गुलाबी ठंड' महसूस की जा रही है, लेकिन दोपहर की चटक धूप अब लोगों के पसीने छुड़ाने लगी है।
अगले सात दिनों का पूर्वानुमान
मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले एक हफ्ते तक बिहार का मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा। अगले दो से तीन दिनों में तापमान में कोई बहुत बड़ा फेरबदल होने की उम्मीद नहीं है, लेकिन मामूली बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रह सकता है। राज्य के अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान 28 से 32 डिग्री के बीच रहने की संभावना है। पटना, गया, नालंदा और नवादा जैसे जिलों में गर्मी का प्रभाव आने वाले दिनों में और अधिक बढ़ सकता है।
आसमान में बादलों की आवाजाही
शुष्क मौसम के बीच राज्य के कुछ हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की भी संभावना जताई गई है। शनिवार को सहरसा जिले का अगवानपुर 13.5 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पछुआ हवाओं की द्रोणिका कमजोर पड़ रही है, जिससे अब धीरे-धीरे उमस और गर्मी में इजाफा होगा। फिलहाल विभाग ने राज्य को ग्रीन जोन में रखा है, जिसका अर्थ है कि अभी किसी गंभीर मौसमी चेतावनी की जरूरत नहीं है।
