'पानी तेजी से आएगा, घबराएं नहीं...', बिहार में अगले 6 घंटे अहम, बाढ़ के खतरे को लेकर और क्या बोले मंत्री?

Bihar Flood: नेपाल के तिब्बत सीमावर्ती क्षेत्र में ग्लेशियर फटने के कारण त्रिशूली और गंडक नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इसका सीधा प्रभाव बिहार के सीमावर्ती जिलों पर पड़ने की आशंका है। बिहार के जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी ने स्थिति पर बयान जारी करते हुए बताया कि वाल्मीकिनगर बराज से लगभग 2.5 से 2.75 लाख क्यूसेक तक पानी गुजर सकता है।

Bihar Flood: नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों और तिब्बत सीमा के पास अचानक ग्लेशियर फटने (Nepal Glacier Burst Flood) से बिहार के मैदानी इलाकों में जलप्रलय का खतरा मंडराने लगा है। ग्लेशियर पिघलने और भारी बारिश के कारण नेपाल की त्रिशूली नदी और फिर देवघाट के रास्ते नारायणी (गंडक) नदी में पानी का प्रवाह काफी तेज हो गया है। इस संभावित खतरे को देखते हुए बिहार सरकार ने राज्य के संवेदनशील उत्तर बिहार के जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है।

bihar flood alert  Vijay Choudhary

नेपाल में ग्लेशियर फटने से बढ़ा बाढ़ का खतरा

बिहार के जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी (Vijay Choudhary Statement) ने स्थिति की पूरी जानकारी देते हुए आम जनता से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नेपाल सरकार से मिले आंकड़ों के अनुसार देवघाट पर जलस्तर लगभग तीन मीटर तक बढ़ सकता है। हालांकि, राहत की बात यह है कि अभी गंडक नदी का मूल जलस्तर काफी कम है। फिलहाल बराज से महज 80 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हो रहा है। नेपाल से करीब डेढ़ लाख क्यूसेक अतिरिक्त पानी आने के बाद भी कुल डिस्चार्ज 2.5 से 2.75 लाख क्यूसेक के आसपास रहेगा, जो कि खतरे के निशान से नीचे है।

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