Bihar Bengal Weather Today: बिहार और पश्चिम बंगाल के आसमान पर इन दिनों कुदरत के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। जहां बंगाल की खाड़ी से उठने वाली नमी और चक्रवाती सिस्टम के मिलन ने 'काल बैसाखी' (Kalbaishakhi) को सक्रिय कर दिया है, वहीं झुलसाने वाली गर्मी के बीच अचानक आई इस बारिश ने लोगों को मई की तपिश से पहले सुहावने मौसम का तोहफा दिया है।
बिहार-बंगाल में कालबैसाखी का साया
बिहार में 'काल बैसाखी' का तांडव (Bihar Weather Alert Today)
बिहार में प्री-मानसून का सबसे खतरनाक सिस्टम 'काल बैसाखी' पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, अगले 24 घंटों में उत्तर और पूर्वी बिहार के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश और वज्रपात की आशंका है। शिवहर, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर और पूर्णिया समेत 20 जिलों में गरज-चमक के साथ 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है। पटना में भी दोपहर बाद हुई बारिश से पारा लुढ़ककर 29 डिग्री तक आ गया है, जिससे उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली है। हालांकि, औरंगाबाद के कुटुंबा में सबसे ज्यादा 2.6 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
पश्चिम बंगाल में सर्दी जैसी ठंडक (West Bengal Weather Update Today)
बंगाल का हाल कुछ ऐसा है कि लगातार हो रही बारिश ने लोगों को सर्दियों की याद दिला दी है। कोलकाता सहित दक्षिण बंगाल के जिलों, हावड़ा, नादिया और 24 परगना में गरज के साथ मध्यम बारिश का अनुमान है। अलीपुर मौसम विभाग ने बताया कि उत्तर प्रदेश से लेकर मणिपुर तक बने निम्न दबाव क्षेत्र के कारण बंगाल की खाड़ी से भारी मात्रा में जलवाष्प आ रही है। इसका सबसे ज्यादा असर उत्तर बंगाल के अलीपुरदुआर और जलपाईगुड़ी में देखने को मिल सकता है, जहां 110 मिमी तक भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को अगले 24 घंटों तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। आज शाम IPL 2026 में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) और लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के बीच कोलकाता के ईडन गार्डन्स में शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा। ऐसे में यहां भी बारिश का साया मंडरा रहा है।
11 अप्रैल से फिर लौटेगी गर्मी (Bihar Bengal Weather Update)
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, इस चक्रवाती सिस्टम के कारण अगले 24 घंटों में पारे में 4 डिग्री तक की गिरावट आ सकती है। लेकिन यह राहत ज्यादा दिनों तक टिकने वाली नहीं है। 10 अप्रैल के बाद से सिस्टम धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगेगा और 11 अप्रैल से सूरज के तेवर फिर से तल्ख होने लगेंगे। अप्रैल के मध्य तक अधिकतम तापमान एक बार फिर 35 से 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के आसार हैं। फिलहाल, विभाग ने लोगों को चेतावनी दी है कि वे खराब मौसम के दौरान बिजली के खंभों और पेड़ों के नीचे न रुकें और वज्रपात के समय सुरक्षित स्थानों पर रहें।
क्या है काल बैसाखी (What is Kalbaishakhi in hindi)
काल बैसाखी, जिसे तकनीकी शब्दावली में नॉरवेस्टर (Nor'westers) के नाम से जाना जाता है, अप्रैल और मई के महीनों में पूर्वी भारत और बांग्लादेश में सक्रिय होने वाला एक शक्तिशाली प्री-मानसून तूफान है। आम तौर पर यह पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और ओडिशा में अपना असर दिखाने वाला यह मौसमी सिस्टम अचानक आने वाली तेज तूफानी हवाओं, मूसलाधार बारिश और भीषण आकाशीय बिजली के लिए पहचाना जाता है। चूंकि यह तूफान अक्सर बैसाख के महीने में आता है और जान-माल की भारी तबाही का कारण बनता है, इसलिए इसे स्थानीय रूप से 'काल बैसाखी' यानी 'बैसाख का काल' कहा जाता है।
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