भोपाल : टाइम्स एम्प्लॉय इंडिया फाउंडेशन ने झाबुआ के स्कूलों में जाकर बच्चों की खून जांच और प्राथमिक स्वास्थ्य की। इसके अलावा छात्रों को कई तरीकों से अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरुक रहने के लिए प्रेरित भी किया। 3800 से अधिक यात्राों को दैनिक आहार में पौष्टिकता बनाए रखने के बारे में जागरुक किया गया और उन्हें व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने के गुर सिखाए गए। इस तरह से छात्रों को एक सम्पूर्ण जीवनशैल अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
टाइम्स एम्प्लॉय इंडिया फाउंडेशन ने हर स्कूल में हाईजीन टीचर्स की नियुक्ति की है, जो यहां बच्चों को सैनिटाइजेशन और हाईजीन के सिद्धांत सिखाते हैं। इसके लिए ट्रेनिंग मैटेरियरिल, पोस्टर, गेस्ट लेक्चर, इंट्रैक्टिव सेशन और कॉम्पीटीटिव इवेंट्स का आयोजन किया जाता है।
यह हेल्थ टीचर्स बच्चों को स्वस्थ आदतें अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं। जिसमें पोषक आहार, स्वच्छता को अपनाना, शारीरिक व्यायाम करना और एक संपूर्ण जीवनशैली अपनाना शामिल हैं। इन लक्ष्यों को पाने के लिए हेल्थ टीचर्स उन्हें विभिन्न एक्टिविटीज के जरिए सॉफ्ट स्किल ट्रेनिंग देते हैं। इसमें नुक्कड़ सभाएं, नाटक, स्कूलों और समाज के बीच नाट्य प्रस्तुति देना शामिल है। बिल्डिंग एज लर्निंग एड (BALA) इनिशिएटिव के जरिए स्कूल की दीवारों को सजाना, स्वास्थ्य और सफाई के लिए प्रेरित करने वाले मैसेज पेंट करने जैसे कार्य किए जाते हैं।

स्कूली छात्रों के ब्लड टेस्ट
पिछले 6 महीनों में हाईजीन टीचर्स की मेहनत ने यहां नजर आने लगी है और इसका पॉजिटिव असर छात्रों के स्वास्थ्य पर दिख रहा है। दूसरे चरण के ब्लड टेस्ट से छात्रों के बिहेवियरल प्रैक्टिस में बहुत अच्छा फर्क देखने को मिल रहा है। बता दें कि टाईम्स इम्प्लॉय इंडिया फाउंडेशन, टाइम्सप्रो का एक सीएसआर सॉल्यूशन है। यह एक हेल्थ और हाईजीन प्रोजेक्ट है, जिसे भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPCL) और जबुआ के जनजातीय कार्य विभाग के साथ मिलकर पूरा किया गया है। मध्य प्रदेश में झाबुआ के सात सरकारी स्कूलों एनीमिया और कुपोषण के खिलाफ 6 महीने पहले इस प्रोजेक्ट को लॉन्च किया गया था। टाइम्सप्रो का इरादा यहां मिली सफलता को राज्य के अन्य हिस्सों में भी दोहराने का है।
