भोपाल

भोपाल : बारिश में धंसी सड़कें, इंजीनियर्स के कार्य क्षेत्र से बाहर जाने पर रोक: PWD ने दिए निर्देश

बारिश के कारण धुली सड़कों और गड्ढों की स्थिति को देखते हुए लोक निर्माण विभाग की बढ़ती आलोचना के मद्देनजर, अब विभाग के इंजीनियरों को बिना अनुमति के अवकाश पर जाने से रोक लगा दी गई है। राज्य सरकार ने लोक निर्माण विभाग के सभी जिम्मेदार अधिकारियों से स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।

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सीएम मोहन यादव (इमेज क्रेडिट Mohan Yadav Twitter )

भोपाल : लोक निर्माण विभाग (PWD) ने सभी इंजीनियरों और अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे बिना अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ सकते। यदि कोई इंजीनियर अवकाश मंजूर कराए बिना मुख्यालय छोड़ता है, तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह निर्णय इसलिए लिया गया है क्योंकि कई अधिकारी बिना अनुमति के भोपाल और अपने कार्य क्षेत्र से बाहर जाते हैं, जिससे सरकारी कार्य प्रभावित होता है और आवश्यक जानकारी समय पर नहीं मिल पाती।

निर्देश में कहा गया है कि प्रमुख अभियंता, मुख्य अभियंता, अधीक्षण यंत्री और कार्यपालन यंत्री स्तर के अधिकारी केवल प्रमुख सचिव और प्रमुख अभियंता से अनुमति लेकर ही मुख्यालय छोड़ सकते हैं। इस कदम का उद्देश्य विभाग के कामकाज में सुधार लाना है। इस बीच, पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह के हालिया बयान पर विवाद उत्पन्न हुआ है, जिसमें उन्होंने बारिश के कारण सड़कों के गड्ढों के बारे में टिप्पणी की थी। मंत्री ने कहा कि जब तक सड़कें हैं, तब तक गड्ढे भी रहेंगे और ऐसी कोई तकनीक नहीं है जो गड्ढों को रोक सके।

उनके इस बयान के बाद कांग्रेस पार्टी ने सरकार और मंत्री पर हमला किया है। मंत्री का बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिससे विभाग की स्थिति और भी सख्त हो गई है और प्रदेश भर में गड्ढे भरने का कार्य तेज किया गया है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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