Bhopal: लेक सिटी भोपाल के लोगों के लिए ये एक अच्छी खबर है। अब राजधानी 5जी नेटवर्क के लिए पूरी तरह तैयार है। बता दें कि, 5जी के लिए नए मोबाइल टॉवर लगाने की फीस 50 से घटा 10 हजार रुपए की जा रही है।
भोपाल 5जी सर्विस के लिए तैयार (सांकेतिक तस्वीर)
वहीं बिजली के खंभों से लेकर सिग्नल और अन्य जगहों पर लगने वाले स्ट्रीट फर्नीचर के लिए संबंधित एजेंसी केवल 100 रुपए फीस लेगी। फीस कम होने से कंपनियों की लागत कम होगी जिसका नतीजा ये होगा कि, 5जी का टैरिफ कम होगा।
मध्य प्रदेश आरओडब्ल्यू पॉलिसी लागू करने वाला पहला स्टेट
मध्य प्रदेश देश का पहला ऐसा स्टेट है जो कि, केंद्र सरकार की मंशा के अनुसार नई राइट ऑफ वे पॉलिसी लागू करने जा रहा है। नई पॉलिसी लागू होने के बाद शहर में सभी बिजली के खंभों, ट्रैफिक सिग्नल, विज्ञापन बोर्ड, एफओबी पर स्ट्रीट फर्नीचर लगाए जा सकेंगे। केंद्र द्वारा गत वर्ष अगस्त माह में जारी पॉलिसी को प्रदेश सरकार बिना बदलाव के स्वीकार कर रही है। प्रदेश के विज्ञान एवं तकनीकी महकमे ने इसका मसौदा राज्य सरकार को भेज दिया है। इसे कैबिनेट से स्वीकृति मिलने के बाद लागू किया जाएगा।इनसे लेनी होगी परमिशन
एमपी स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन की ओर से तैयार पोर्टल पर ही नेशनल ब्रॉडबैंड मिशन के तहत देशभर में टॉवर लगाने और केबल बिछाने की अनुमति मिलती है। अब इसी पोर्टल के जरिए 5जी के लिए केबल, टॉवर और स्ट्रीट फर्नीचर लगाने की परमिशन मिलेगी। वहीं सर्विस प्रोवाइडर भी इसी पोर्टल पर अप्लाई करेंगे और एजेंसियां इसी से परमिशन जारी करेंगी। भारत सरकार के डायरेक्टर जनरल डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन के महेश शुक्ला के मुताबिक, 5जी को लेकर देशभर में वर्कशाॅप का आयोजन किया जा रहा है। इसके उपयोग के बारे में आमजन को जानकारी दी जा सके।5जी से आएगा क्रांतिकारी बदलाव
उन्होंने आगे कहा कि, अब 5जी केवल मोबाइल नेटवर्क ही नहीं है, बल्कि यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए हमारी रोजमर्रा की जिंदगी को बदलने वाला एक आधुनिक तरीका है। संबंधित महकमे के मुताबिक प्रदेश में 5जी सेवा शुरू होने के बाद लोगों को इसका फायदा मिलेगा। सूचनाएं भेजने और डाउनलोड करने में तेजी आएगी। कुछ सैकेंड्स में ही कई जीबी डाटा अपलोड व डाउनलोड हो सकेंगे। जिसके चलते लोगों का समय बचेगा और सूचना क्रांति में तेजी आएगी।
