Miyazaki Mango Price Crash : कर्नाटक के कोप्पल जिले में इस बार एक दिलचस्प मामला सामने आया है। जापान के मशहूर और दुनिया के सबसे महंगे आम (world most expensive mango) माने जाने वाले मियाजाकी आम (Miyazaki mango) की खेती यहां एक किसान ने सफलतापूर्वक की है। आमतौर पर यह किस्म जापान के मियाजाकी क्षेत्र में पाई जाती है और अपनी खास मिठास, रंग और गुणवत्ता के कारण दुनिया भर में बहुत महंगी बिकती है। किसान नागप्पा ने इस दुर्लभ किस्म को अपने खेतों में उगाकर अच्छा उत्पादन भी हासिल किया है। लेकिन इस सफलता के बावजूद उन्हें बाजार में उचित कीमत नहीं मिल रही है।
सोने जैसे मियाजाकी आम की कीमत धड़ाम, किसानों के उड़े होश (तस्वीर-istock/x)
2.5 लाख रुपये किलो से गिरकर 3000 रुपये किलो तक कीमत
इनशॉट्स की रिपोर्ट के मुताबिक कुछ समय पहले तक मियाजाकी आम की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 2.5 लाख रुपये प्रति किलो तक बताई जाती थी। इसे दुनिया का सबसे महंगा आम माना जाता है। लेकिन कर्नाटक के कोप्पल में आयोजित एक फल मेले में यही आम केवल 3000 रुपये प्रति किलो के भाव पर बिका। इतनी बड़ी कीमत गिरावट ने किसानों और खरीदारों दोनों को हैरान कर दिया है। जहां एक तरफ इस आम की चर्चा इसकी ऊंची कीमत को लेकर होती थी, वहीं अब इसकी वास्तविक बाजार कीमत काफी कम नजर आ रही है।
किसान नागप्पा की मेहनत और निवेश
एशियानेट की रिपोर्ट के मुताबिक किसान नागप्पा ने करीब तीन साल पहले दिल्ली से मियाजाकी आम के 200 पौधे खरीदे थे। उन्होंने प्रत्येक पौधे के लिए करीब 1300 रुपये खर्च किए थे और उन्हें अपने खेत में लगाया था। इनमें से करीब 20 पौधे जीवित नहीं रह पाए, लेकिन बाकी 180 पौधे अच्छी तरह विकसित हो गए। इस साल इन पौधों से अच्छा उत्पादन भी मिला है, जिसे देखकर किसान काफी खुश थे। लेकिन असली समस्या तब सामने आई जब बाजार में इसकी कीमत उम्मीद के अनुसार नहीं मिली।
बाजार में मांग और बिक्री की समस्या
मियाजाकी आम की खेती भले ही सफल रही हो, लेकिन इसकी सबसे बड़ी समस्या बाजार में इसकी मांग और बिक्री को लेकर है। यह आम अभी तक भारत में बहुत सीमित मात्रा में ही उगाया जा रहा है, इसलिए इसके लिए कोई मजबूत स्थानीय बाजार नहीं बन पाया है। किसान नागप्पा का कहना है कि इस फल को बेचने के लिए बेहतर बाजार व्यवस्था की जरूरत है। उनका मानना है कि अगर उचित सपोर्ट और मार्केटिंग मिले, तो किसानों को इसका अच्छा फायदा मिल सकता है।
निर्यात में भी चुनौतियां
इस आम की एक और बड़ी समस्या इसका निर्यात है। चूंकि यह एक विदेशी और विशेष किस्म है, इसलिए इसे बाहर के देशों में भेजना आसान नहीं है। निर्यात के लिए कई नियम, पैकेजिंग और क्वालिटी स्टैंडर्ड पूरे करने पड़ते हैं। किसानों के लिए यह प्रक्रिया जटिल और महंगी साबित हो रही है। इसी वजह से ज्यादातर किसान इसे स्थानीय स्तर पर ही बेचने को मजबूर हैं, जहां कीमत कम मिलती है।
मियाजाकी आम क्या है?
मियाज़ाकी आम जापान की एक खास किस्म है, जिसे दुनिया के सबसे महंगे आमों में गिना जाता है। यह आम अपने गहरे लाल रंग, मीठे स्वाद और विशेष पोषक गुणों के लिए जाना जाता है। इसे जापान के क्यूशू क्षेत्र के मियाजाकी शहर में मुख्य रूप से उगाया जाता है। इसकी खेती बहुत सावधानी से की जाती है और हर फल की विशेष देखभाल होती है, इसलिए इसकी कीमत भी बहुत ज्यादा होती है।
कर्नाटक के किसान नागप्पा की यह कहानी एक तरफ खेती में सफलता दिखाती है, तो दूसरी तरफ बाजार की सच्चाई भी सामने लाती है। जहां मियाजाकी आम को दुनिया का सबसे महंगा फल माना जाता है, वहीं स्थानीय बाजार में इसकी कीमत काफी गिरकर 3000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। अब किसानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि वे इस दुर्लभ फल के लिए स्थिर और बेहतर बाजार कैसे तैयार करें, ताकि उनकी मेहनत का सही मूल्य मिल सके।
