Windfall Profit Tax on Crude Petroleum: सरकार ने घरेलू स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल पर अप्रत्याशित लाभ कर (विंडफॉल टैक्स) को घटा दिया है। इसे घटाकर 3,250 रुपये प्रति टन कर दिया गया है। इससे पहले ये टैक्स 5,200 रुपये प्रति टन था। अप्रत्याशित लाभ कर, विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (एसएईडी) के रूप में लगाया जाता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि डीजल, पेट्रोल और जेट ईंधन या एटीएफ के निर्यात पर एसएईडी को ‘शून्य’ पर बरकरार रखा गया है।
क्रूड पेट्रोलियम पर कम किया गया विंडफॉल टैक्स
ये भी पढ़ें -
कब से लागू होंगी नई दरें
आधिकारिक अधिसूचना में कहा गया है कि कि नई दरें 15 जून से प्रभावी हो गई हैं। यानी 15 जून रात बजे से घरेलू स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल पर अप्रत्याशित लाभ कर (विंडफॉल टैक्स) 3,250 रुपये प्रति टन हो गया है।
1 जून को अपने पिछले संशोधन में केंद्र सरकार ने घरेलू स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल पर अप्रत्याशित कर को 5,700 रुपये से घटाकर 5,200 रुपये कर दिया था। इसी साल 16 अप्रैल को संशोधन के बाद विंडफॉल टैक्स सबसे ऊंचे लेवल पर पहुंच गया था, जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में मजबूती के बाद इसे 6,800 रुपये से बढ़ाकर 9,600 रुपये प्रति टन कर दिया गया।
कब से शुरू हुई विंडफॉल टैक्स की शुरुआत
भारत ने पहली बार एक जुलाई, 2022 को अप्रत्याशित लाभ पर टैक्स लगाया। इसके साथ ही वह ऊर्जा कंपनियों के असाधारण प्रॉफिट पर कर लगाने वाले देशों में शामिल हो गया। पिछले दो सप्ताहों के औसत तेल मूल्यों के आधार पर टैक्स रेट की समीक्षा हर पखवाड़े (15 दिन) की जाती है।
