भारत दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर अग्रसर, 2026 के राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को पूरा करेंगे: निर्मला सीतारमण

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार अब तक 2.5 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी की स्थिति से बाहर निकालने में सफल रही है। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवन-स्तर जैसे कई मानदंड शामिल होते हैं।

Nirmala Sitharaman: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि भारत वैश्विक मंच पर आज एक तीव्र गति से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में उभर रहा है और शीघ्र ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। सीतारमण ने यहां दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत आज अपनी आर्थिक ताकत के दम पर अपने पैरों पर खड़ा है। उन्होंने कहा, हमें जो सबसे अलग बनाता है, वह 2014 में 10वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से अब पांचवीं और फिर चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बनना है। संभवतः जल्द ही तीसरे स्थान पर पहुंचने वाले हैं।

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निर्मला सीतारमण (PTI)

2.5 करोड़ लोगों को गरीबी की स्थिति से बाहर निकाला

उन्होंने कहा कि सरकार अब तक 2.5 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी की स्थिति से बाहर निकालने में सफल रही है। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवन-स्तर जैसे कई मानदंड शामिल होते हैं। वित्त मंत्री ने बैंकों की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के बहीखाते सात-आठ साल पहले की दोहरी बहीखाता समस्या की तुलना में काफी मजबूत हो चुके हैं। दोहरी बहीखाता समस्या का मतलब बैंकों और उद्योगों दोनों पर भारी वित्तीय दबाव होने से है। इसमें जहां अधिक कर्ज के कारण कंपनियां ऋण चुकाने में चूक करती हैं, वहीं इससे बैंकों का एनपीए बढ़ता है।

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