Sensex Nifty Share Market Today: गुरुवार को शेयर बाजार में तीन दिन की लगातार गिरावट के बाद मजबूती लौटी है। 11 बजे Nifty करीब 190 अंक की तेजी के साथ 24,670 अंक पर ट्रेड कर रहा है। वहीं, सेंसेक्स 490 अंक से ज्यादा की तेजी के साथ 79600 से ऊपर टिका हुआ है। मार्केट ब्रेड्थ भी ओवरऑल मजबूत रिकवरी के संकेत दे रहा है। NSE पर 3035 स्टॉक्स में ट्रेडिंग जारी है। इनमें से 1901 में खरीदारी चल रहा है। वहीं, 1075 में बिकवाली हावी है।
बुधवार को 385 अंक की गिरावट के साथ 24,480.50 पर बंद होने के साथ ही निफ्टी 6 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया था। हालांकि, भारतीय बाजार के बंद होने के बाद ग्लोबल मार्केट्स से मजबूती के संकेत मिले और भारतीय बाजार आज एशियाई बाजारों के साथ रिकवरी दिखा रहा है। हालांकि, बड़ा सवाल यही है कि आखिर क्रूड जब लगातार तेजी के साथ 80 से 85 डॉलर प्रति बैरल के बीच पहुंच गया है। इंटरनेशनल मार्केट में नैचुरल गैस के दाम 50% तक उछल चुके हैं। रुपये में भी बड़ी गिरावट है। इसके बाद बाजार में रिकवरी है।
क्या हैं तेजी की बड़ी वजहें?
बाजार खुलने से पहले ही ग्लोबल मार्केट्स से तेजी के संकेत मिलने लगे थे। वहीं, वॉल स्ट्रीट से लेकर एशियाई बाजारों में मजबूत रिकवरी देखने को मिली, जिससे भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक माहौल बना। इसके अलावा इंटरनेशनल मार्केट, खासतौर पर भारतीय बाजार में फिर से रूसी तेल लौटने की खबर ने महंगे क्रूड की चिंता को कम किया। वहीं, ट्रंप ने भी कहा कि क्रूड की कीमतों में जल्द कमी आएगी, इसे अमेरिका की तरफ एनर्जी मार्केट में स्टेबिलिटी को लेकर दिया गए भरोसे के तौर पर देखा गया।
गिरावट के बाद लौटी वैल्यू बाइंग
जानकारों के मुताबिक हाल के तीन सत्रों में आई गिरावट के बाद निवेशकों ने कई सेक्टरों में वैल्यू बाइंग शुरू की है। ET Now पर मार्केट एक्स्पर्ट्स का कहना है कि बाजार में फिलहाल बॉटम फिशिंग देखने को मिल रही है। इसके अलावा एशियाई बाजारों और अमेरिकी बाजारों में आई रिकवरी का असर भी भारतीय बाजार पर दिखाई दे रहा है। हालांकि, उनका मानना है कि जब तक निफ्टी 25,000 के स्तर को पार नहीं करता, तब तक बाजार के डायरेक्शन और टोन को बुलिश नहीं माना जा सकता है।
रिफाइनरी शेयरों में आई तेजी
गुरुवार को रिफाइनरी कंपनियों के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली, जिसने बाजार को सपोर्ट दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन सरकार ने अपने बड़े रिफाइनर्स से डीजल और पेट्रोल के निर्यात को अस्थायी रूप से रोकने को कहा है। इस खबर के बाद भारतीय रिफाइनरी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी बढ़ी। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में करीब 3 फीसदी की तेजी आई, जबकि चेन्नई पेट्रोलियम और मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स के शेयरों में भी मजबूत उछाल देखने को मिला।
Why Market Up Key Factors
ग्लोबल बाजारों से मिला सपोर्ट
ग्लोबल बाजारों में सुधार ने भी निवेशकों के सेंटिमेंट को बेहतर किया। एशियाई बाजारों में तेज रिकवरी देखने को मिली, जिसमें दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 9 फीसदी से ज्यादा उछला। इसके अलावा हांगकांग का हैंगसेंग और चीन का एसएसई कंपोजिट इंडेक्स भी बढ़त में रहे। MSCI का एशिया-पैसिफिक इंडेक्स, जो जापान को छोड़कर क्षेत्रीय बाजारों को ट्रैक करता है, करीब 2.6 फीसदी चढ़ गया। इससे पहले मिडिल ईस्ट संकट के कारण पिछले तीन सत्रों में इस इंडेक्स में 8.6 फीसदी की गिरावट आई थी।
एशियाई बाजारों का मजबूत प्रदर्शन
एशियाई बाजारों में आज मजबूत तेजी का माहौल देखने को मिल रहा है। जापान का Nikkei 225 करीब 2.6% की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है, जबकि Hang Seng में भी 1.6% से ज्यादा की तेजी है। Taiwan Weighted करीब 2.6% उछला है और KOSPI में दो अंकों की तेज रैली दिख रही है। इसके अलावा Shanghai Composite और Straits Times भी हरे निशान में कारोबार कर रहे हैं। कुल मिलाकर एशियाई बाजारों में खरीदारी का रुख है, जिससे ग्लोबल सेंटीमेंट मजबूत नजर आ रहा है।
| इंडेक्स | लेटेस्ट स्तर | बदलाव | % बदलाव |
|---|---|---|---|
| KOSPI | 5,623.37 | +529.83 | +10.40% |
| Taiwan Weighted | 33,694.76 | +865.88 | +2.64% |
| Nikkei 225 | 55,649.00 | +1,403.46 | +2.59% |
| Jakarta Composite | 7,720.57 | +143.51 | +1.89% |
| Hang Seng | 25,656.00 | +406.52 | +1.61% |
| Straits Times | 4,843.53 | +30.78 | +0.64% |
| Shanghai Composite | 4,111.69 | +29.22 | +0.72% |
India VIX में नरमी से राहत
बाजार में घबराहट का स्तर भी कुछ कम हुआ है। बाजार का फियर इंडेक्स माने जाने वाला India VIX करीब 11 फीसदी गिरकर 18 के आसपास आ गया है। जबकि, बुधवार को यह 20 से ऊपर चला गया था। VIX में गिरावट का मतलब है कि निवेशकों की चिंता में कुछ कमी आई है और बाजार में स्थिरता लौटने की उम्मीद बढ़ी है।
क्या करें रिटेल निवेशक?
विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में फिलहाल खबरों और घटनाक्रम के आधार पर तेज उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और क्रूड ऑयल की कीमतों की दिशा बाजार के लिए फैक्टर बने बने रहेंगे। अगर तेल की कीमतों में तेज उछाल आता है, तो बाजार पर दबाव बढ़ सकता है, जबकि सप्लाई सामान्य रहने पर बाजार में और रिकवरी देखने को मिल सकती है। फिलहाल निवेशक सतर्क रहते हुए बाजार की दिशा पर नजर बनाए हुए हैं।डिस्क्लेमर: TIMES NOW नवभारत किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ या कमोडिटी में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।
