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Wazirx news: आखिर क्यों WazirX में फंसे पैसे अब तक नहीं मिले? जानिए सिंगापुर कोर्ट के इस बड़े फैसले का असर

WazirX fund recovery: पिछले साल देश की प्रमुख क्रिप्टो एक्सचेंज WazirX पर बड़ा साइबर हमला हुआ, जिसमें करोड़ों रुपये निवेशकों के फंस गए। हर कोई अपने पैसे वापस पाने की आस लगाए बैठा था, लेकिन अब सिंगापुर की एक अहम अदालत के फैसले ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। इस खबर में जानिए आखिर कोर्ट ने क्या निर्णय दिया और इसका असर निवेशकों पर किस तरह पड़ा है।

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WazirX में फंसे हुए लोगों के पैसे वापस नहीं मिल पा रहे हैं, और इसके पीछे एक नया कानूनी अपडेट है

WazirX investors money stuck: भारतीय क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज वजीरएक्स (WazirX) को बड़ा झटका उस समय लगा जब सिंगापुर हाईकोर्ट ने उसकी पेरेंट कंपनी Zettai Pte Ltd द्वारा दायर पुनर्गठन (रीस्ट्रक्चरिंग) योजना को खारिज कर दिया। यह योजना नवंबर 2024 में दाखिल की गई थी, जो कि जुलाई 2024 में हुए $235 मिलियन के साइबर हमले के बाद लाई गई थी।

ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक, कोर्ट ने यह कहते हुए योजना को अमान्य ठहरा दिया कि Zettai Pte Ltd भारत में पंजीकृत नहीं है, इसलिए इसका भारत में कोई कानूनी असर नहीं होगा। वजीरएक्स ने इस फैसले की पुष्टि की है और कहा है कि वह इसके खिलाफ अपील करेगा।

अरबों की साइबर चोरी: लाजरूस ग्रुप पर शक

जुलाई 2024 में वजीरएक्स पर हुआ साइबर हमला अब तक के सबसे बड़े भारतीय क्रिप्टो एक्सचेंज हमलों में से एक था। हैकर्स ने लगभग आधा रिज़र्व यानी $230 मिलियन (2,021 करोड़ रुपये) से ज्यादा की राशि चुरा ली थी। ब्लॉकचेन विशेषज्ञों ने शक जताया है कि इस हमले के पीछे उत्तर कोरिया समर्थित 'लाजरूस' ग्रुप हो सकता है, जो कि विश्वभर में कई बड़े क्रिप्टो हैक्स के लिए बदनाम है।

FBI की जांच में दिलचस्पी

29 जुलाई 2024 को ET की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी संघीय जांच एजेंसी (FBI) ने वजीरएक्स से संपर्क कर हमले की प्रकृति और इसमें उत्तर कोरियाई साइबर अपराधियों की संलिप्तता की जांच में सहयोग मांगा था।

क्रिप्टो नीति पर सरकार की तैयारी

30 मई की रिपोर्ट के अनुसार, भारत सरकार जल्द ही एक क्रिप्टो नीति पर चर्चा पत्र जारी करने वाली है, जो कि डिजिटल करेंसी पर एक संभावित नीति रूपरेखा तैयार करने की दिशा में कदम है। यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन के बाद डिजिटल एसेट्स को लेकर वैश्विक स्वीकृति बढ़ रही है।

वजीरएक्स की प्रतिक्रिया

वजीरएक्स ने बयान में कहा, "हमारा प्रमुख उद्देश्य निवेशकों के लिए जल्द से जल्द वितरण शुरू करना है। हम कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं और सिंगापुर कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील करेंगे।"

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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