नई दिल्ली। हैदराबाद के आठवें निजाम (Nizam of Hyderabad) मुकर्रम जाह बहादुर (Mukarram Jah Bahadur) का हाल ही में तुर्की की राजधानी इस्तांबुल (Istanbul) में निधन हो गया। जाह के दादा मीर उस्मान अली खान (Mir Osman Ali Khan) हैदराबाद के सातवें और आखिरी निजाम थे। उन्हें उस समय विश्व का सबसे अमीर व्यक्ति (Richest Person Of World) माना जाता था। मीर उस्मान अली खान की कुल संपत्ति 236 अरब अमेरिकी डॉलर आंकी गई। साल 1967 में 80 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया था।
बड़े रईस थे हैदराबाद के आखिरी निजाम
हैदराबाद के आखिरी निजाम की कहानियां काफी पौराणिक हैं। उस्मान अली के पास रोल्स रॉयस (Rolls Royce) का एक बेड़ा था, जिसमें एक सिल्वर घोस्ट थ्रोन कार (Silver Ghost Throne car) भी शामिल थी, और उन्होंने एक पेपरवेट के रूप में एक जैकब हीरे (Jacob diamond) का इस्तेमाल किया, जिसकी कीमत अब 1,000 करोड़ रुपये मानी जाती है।
अब कहां है हैदराबाद के निजाम का हीरा
उस्मान अली खान के पिता और हैदराबाद के छठे निजाम, महबूब अली खान (Mahboob Ali Khan) हीरे को दुर्भाग्यशाली मानते थे। सातवें निजाम ने उनकी चप्पल से हीरे को को दोबारा प्राप्त किया और इसे लंबे समय तक कागज के वजन के रूप में इस्तेमाल किया। साल 1995 में इसे निजाम के ट्रस्ट से 13 मिलियन GBP की राशि में भारत सरकार द्वारा खरीदा गया था। अब यह मुंबई में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की सुरक्षित तिजोरी में है।
कितना बड़ा है निजाम का हीरा?
जैकब हीरा दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा पॉलिश सॉलिटेयर है। इसका वजन 184.75 कैरेट या 40 ग्राम है। इसका नाम इसके पहले के मालिक अलेक्जेंडर मैल्कन जैकब के नाम पर रखा गया था। इन्होंने इसे साल 1891 में बेल्जियम सिंडिकेट से खरीदा था। निजाम ने हीरे को 25 लाख रुपये की भारी छूट पर खरीदा था। उन्होंने पूरी कीमत बेल्जियम की कंपनी को चुका दी थी। करोड़ों पाउंड की यह हीरा चुराए गए हीरे कोहीनूर (Kohinoor) से भी बड़ी है, जो कि दिवंगत महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के मुकुट की शोभा बढ़ाता है।
