मोदी सरकार ने MSP पर किसानों की फसल खरीदना बंद कर दिया? जानें क्या है सच्चाई

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 11, 2021, 03:32 PM IST

तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ महीनों से किसान आंदोलन कर रहे हैं। इस प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) है। 

किसान आंदोलन के बीच न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का मुद्दा गरमाया हुआ है। एमएसपी  के पिछले 6 महीने के डेटा पर एक नजर डालते हैं। कृषि अध्यादेश जून में लाया गया था। इसलिए हमारे पास यह जांचने के लिए एक अच्छी समयावधि है। वास्तव में MSP के साथ क्या हुआ। सरकार ने इस सितंबर में 6 रबी फसलों के एमएसपी में बढ़ोतरी की घोषणा की थी। एमएसपी की बढ़ोतरी 50 रुपए से लेकर 300 रुपए प्रति क्विंटल तक हुई। इस सीजन में गेहूं का समर्थन मूल्य 50 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ाकर 1,975 रुपए प्रति क्विंटल किया गया है। इस बीच, जौ समर्थन मूल्य में 75 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है और संशोधित कीमत 1,600 रुपए होगी। चने का न्यूनतम समर्थन मूल्य 225 रुपए बढ़ा है और अब 5,100 रुपए हो गया है। दाल एमएसपी 300 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ाकर 5,100 रुपए कर दिया गया है। इसी तरह, सरसों और कुसुम के लिए एमएसपी अब क्रमश: 4,650 रुपए और 5,327 रुपए है।

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