US Unemployment Claims : अमेरिका में पिछले सप्ताह बेरोजगारी भत्ते के लिए नए आवेदन करने वालों की संख्या में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि, इसके बावजूद अमेरिकी कंपनियों में बड़े स्तर पर छंटनी की स्थिति अब भी देखने को नहीं मिल रही है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और ईरान युद्ध जैसे अंतरराष्ट्रीय तनावों के बावजूद अमेरिका का श्रम बाजार अभी तक अपेक्षाकृत स्थिर बना हुआ है। अमेरिकी श्रम विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों (US jobs report) के अनुसार, बेरोजगारी भत्ते के लिए नए दावे बढ़कर 2 लाख 15 हजार हो गए हैं। इससे पिछले सप्ताह यह आंकड़ा 2 लाख 10 हजार था। यानी एक सप्ताह में करीब 5 हजार नए दावे बढ़े हैं। इसके साथ ही चार सप्ताह का औसत भी लगभग 6,300 बढ़कर 2 लाख 9 हजार पर पहुंच गया है। यह औसत इसलिए महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इससे रोजगार बाजार की लंबी अवधि की स्थिति का अंदाजा लगाया जाता है।
अमेरिका में बेरोजगारी भत्ते के नए दावों में बढ़ोतरी, लेकिन छंटनी अब भी सीमित (तस्वीर-istock)
कोविड महामारी के बाद स्थिर बना हुआ है आंकड़ा
रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान अमेरिका को गंभीर आर्थिक मंदी का सामना करना पड़ा था। उस समय लाखों लोगों की नौकरियां चली गई थीं और बेरोजगारी भत्ते के लिए रिकॉर्ड संख्या में आवेदन आए थे। हालांकि, महामारी के बाद अमेरिकी अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे पटरी पर लौटी और रोजगार बाजार में भी सुधार देखने को मिला। तब से लेकर अब तक बेरोजगारी भत्ते के लिए नए आवेदनों की संख्या सामान्य तौर पर 2 लाख से 2 लाख 50 हजार प्रति सप्ताह के बीच बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्तर इस बात का संकेत है कि अमेरिकी कंपनियां फिलहाल बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी नहीं कर रही हैं।
कंपनियां भर्ती को लेकर सतर्क
हालांकि छंटनी कम है, लेकिन कंपनियां नई नियुक्तियों को लेकर भी काफी सतर्क नजर आ रही हैं। कई कंपनियां आर्थिक हालात और वैश्विक तनावों को देखते हुए भर्ती प्रक्रिया को धीमा कर रही हैं। इसका असर खासतौर पर टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग और फाइनेंस सेक्टर में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, कंपनियां फिलहाल अपने खर्च को नियंत्रित करने पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं। इसलिए वे नए कर्मचारियों को रखने के बजाय मौजूदा कर्मचारियों के साथ ही काम चला रही हैं। इससे नौकरी की तलाश कर रहे लोगों के लिए अवसर सीमित हो सकते हैं।
भविष्य को लेकर बनी हुई है चिंता
आर्थिक जानकारों का कहना है कि आने वाले महीनों में अमेरिका के रोजगार बाजार पर वैश्विक परिस्थितियों का असर पड़ सकता है। खासकर मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव, महंगाई और ब्याज दरों से जुड़े फैसले अमेरिकी अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि फिलहाल रोजगार बाजार में स्थिरता बनी हुई है, लेकिन कंपनियां भविष्य को लेकर सतर्क रुख अपना रही हैं। फिलहाल के आंकड़े यह दिखाते हैं कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था पूरी तरह कमजोर नहीं हुई है, लेकिन रोजगार बाजार में धीरे-धीरे दबाव बढ़ने के संकेत जरूर दिखाई दे रहे हैं।
