Tata Capital Merger Plan: फेयर ट्रेड रेगुलेटर नियामक भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने मंगलवार को टाटा क्लीनटेक कैपिटल (Tata Cleantech Capital) और टाटा कैपिटल फाइनेंशियल सर्विसेज (Tata Capital Financial Services) के टाटा कैपिटल लिमिटेड ( Tata Capital Ltd) में विलय को मंजूरी दे दी।
टाटा कैपिटल का मर्जर प्लान
टाटा कैपिटल फाइनेंशियल सर्विसेज और टाटा क्लीनटेक कैपिटल आरबीआई (RBI) रजिस्टर्ड नॉन-डिपॉजिट एक्सेप्टिंग नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियां (NBFC) हैं। ये दोनों ही टाटा कैपिटल की सब्सिडियरी कंपनियां हैं।
क्या है टीसीएल का बिजनेस
सीसीआई ने एक आधिकारिक बयान में इस मर्जर की जानकारी दी है। टीसीएल भी आरबीआई रजिस्टर्ड नॉन-डिपॉजिट-एक्सेप्टिंग मगर कोर इंवेस्टमेंट कंपनी (सीआईसी) है जो अपनी सब्सिडियरी कंपनियों में निवेश रखती है। बाकी इसकी सब्सिडियरी कंपनियां फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर में सर्विस और प्रोडक्ट्स की एक बड़ी रेंज ऑफर करती हैं।
बता दें कि एक निश्चित सीमा से बड़ी डील्स के लिए रेगुलेटरी मंजूरी की आवश्यकता होती है, जो मार्केट में अनुचित बिजनेस प्रेक्टिस पर नजर रखती है।
टाटा कैपिटल देती है लोन
टाटा कैपिटल कई तरह के लोन प्रोवाइड करती है, जिनमें पर्सलन लोन, प्री-अप्रूव्ड ऑफर्स, यूज्ड कार लोन, होम लोन, बिजनेस लोन, टू-व्हीलर लोन, प्रॉपर्टी पर लोन और सिक्योरिटी पर लोन शामिल हैं। कंपनी 2 लाख रु तक के माइक्रो लोन भी पेश करती है। वहीं टाटा कैपिटल अपने कस्टमर्स को क्रेडिट कार्ड भी प्रोवाइड करती है।
शानदार है डिजिटल प्लेटफॉर्म
टाटा कैपिटल के अनुसार इसका बेस्ट-इन-क्लास डिजिटल प्लेटफॉर्म सीमलेस और एफर्टलेस एक्सपीरियंस प्रोवाइड करने के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें पोर्टफोलियो व्यू, एनालिसिस और ट्रांजेक्शन कैपेबिलिटीज समेत कई फीचर्स शामिल हैं। एक ही लॉगिन से डिटेल्ड अपडेट मिल जाएगी।
एक और मर्जर को मंजूरी
सीसीआई ने कोपवूर्न बी.वी., मॉस इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड, इन्फिनिटी पार्टनर्स और डेफैटी इन्वेस्टमेंट्स होल्डिंग बी.वी. द्वारा एचडीएफसी क्रेडिला फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड की 90% शेयरहोल्डिंग और वोटिंग राइट्स के अधिग्रहण से जुड़े प्रस्तावित कॉम्बिनेशन को भी मंजूरी दे दी है।
