सोशल मीडिया की वजह से बढ़ रहा है ‘Money FOMO’, जानें कैसे चुपचाप हो रही आपकी जेब खाली

Money FOMO का असर हमारी जेब पर सीधा पड़ता है। हम ट्रेंड के चक्कर में जरूरत और इच्छा का फर्क भूल जाते हैं और फटाफट चीजें खरीद लेते हैं। BNPL और क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल बढ़ जाता है, जिससे बिल बढ़ते हैं और सेविंग्स कम होती जाती है। यही वजह है कि आज बड़ी संख्या में लोग सोशल मीडिया के प्रभाव में आकर फाइनेंशियल डिसिप्लिन खो रहे हैं और बिना प्लानिंग के पैसे खर्च कर रहे हैं।

सोशल मीडिया आज हमारी लाइफ का बड़ा हिस्सा बन चुका है, लेकिन इसके साथ एक ऐसा खतरा भी बढ़ रहा है जिसे हम समझ नहीं पाते Money FOMO यानी पैसे को लेकर ‘फियर ऑफ मिसिंग आउट’। जब हम इंस्टाग्राम, यूट्यूब या टिक-टॉक स्क्रॉल करते हैं, तो हमें दिखता है कि लोग महंगी जगहों पर घूम रहे हैं, ब्रांडेड कपड़े पहन रहे हैं, नए गैजेट खरीद रहे हैं और लग्जरी लाइफ जी रहे हैं। यह सब देखकर लगता है कि जिंदगी बहुत आसान है और हमें भी ऐसा ही लाइफस्टाइल चाहिए। लेकिन उसी समय हमारी जेब धीरे-धीरे खाली हो रही होती है। आइए आपको बताते हैं कैसे सोशल मीडिया इस मनी FOMO में रोल निभाता है और आपकी जेब खाली कराता है?

Online FOMO

रिपोर्ट में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

Moneycontrol की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के मिलेनियल्स और जेन Z में से 64% लोगों ने माना है कि सोशल मीडिया ने उन्हें अचानक और बिना सोचे-समझे खरीदारी करने के लिए प्रेरित किया है। यह सिर्फ दिखावे की दौड़ नहीं है इसके पीछे एल्गोरिदम, टार्गेटेड ऐड्स और BNPL यानी Buy Now Pay Later जैसे आसान क्रेडिट विकल्प हैं, जो हमें “अभी खरीदो, बाद में चुकाओ” के जाल में फंसा देते हैं, चाहे इससे हमारी सेविंग्स पर कितना ही असर क्यों न पड़े।इंस्टाग्राम या सोशल मीडिया पर जब हम दूसरों को देखते हैं कि वो कितना खर्च कर रहे हैं तो ऐसा लगने लगता है जैसे सब-कुछ आसान है, बस क्लिक करें और… “लाइफस्टाइल” फॉलो हो जाए। लेकिन वहीं दूसरी ओर हम अपने बैंक बैलेंस को खोते जा रहे हैं। एजेंसी सर्वे बताती है कि भारत की मिलेनियल्स और जेन Z की 64 % से ज़्यादा आबादी ने मान लिया है कि सोशल मीडिया पोस्ट्स ने उन्हें अचानक कुछ impulsive खरीदारी करने पर मजबूर किया है।

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