ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Morgan Stanley ने भारतीय शेयर बाजार को लेकर एक सकारात्मक दृष्टिकोण पेश किया है। फर्म ने अपने बेस केस अनुमान में सेंसेक्स का टारगेट बढ़ाकर जून 2026 तक 89,000 कर दिया है, जो वर्तमान स्तरों से लगभग 8% ऊपर है। यह पहले के 82,000 (दिसंबर 2025) के अनुमान से अधिक है।
बुलिश बना रहा तो सेंसेक्स 1 लाख तक पहुंच सकता है
Morgan Stanley ने कहा कि यदि अनुकूल परिस्थितियां बनी रहती हैं, जैसे कि कम तेल कीमतें, जीएसटी दरों में कटौती, कृषि सुधार, और 19% की सालाना आय वृद्धि (CAGR), तो सेंसेक्स अगले 12 महीनों में 1,00,000 का आंकड़ा भी छू सकता है। इस बुलिश सूरत को 30% संभावना दी गई है।
बेस केस के प्रमुख आधार
- Trailing P/E को 23.5x माना गया है, जो पिछले 25 वर्षों के औसत 21x से अधिक है।
- यह प्रीमियम भारत के मध्यम अवधि के विकास, स्थिर नीतिगत माहौल और मजबूत टर्मिनल ग्रोथ पर विश्वास को दर्शाता है।
- भारत-अमेरिका व्यापार समझौता, 50bps ब्याज दर कटौती, और सकारात्मक लिक्विडिटी को भी आधार मानकर गणना की गई है।
- FY28 तक सेंसेक्स की कमाई 16.8% CAGR की दर से बढ़ने का अनुमान।
विदेशी निवेशकों की कमजोर स्थिति और रिटेल निवेशक की मजबूती
Morgan Stanley के रणनीतिकार रिधम देसाई ने कहा कि पिछले दो महीनों की घटनाओं के बावजूद भारतीय बाजार स्थिर रहे, और गिरावट के समय भी वोलैटिलिटी कम रही। खुदरा निवेशकों की स्थिर खरीदारी बाजार के संरचनात्मक मजबूती की ओर इशारा करती है।
हालांकि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) अभी भी 2000 के बाद से सबसे कमजोर पोजिशनिंग में हैं, लेकिन अब उनके दृष्टिकोण में बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं।
निवेश रणनीति: किन सेक्टर्स पर भरोसा
Morgan Stanley ने वित्तीय (financials), उपभोक्ता विवेकाधीन (consumer discretionary) और औद्योगिक (industrials) क्षेत्रों में ओवरवेट रहने की सलाह दी है। जबकि ऊर्जा (energy), सामग्री (materials), उपयोगिताएँ (utilities) और हेल्थकेयर (healthcare) में अंडरवेट रहने का सुझाव दिया गया है।
डिस्क्लेमर : यहां शेयर बाजार में निवेश की सलाह नहीं दी गई है। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
