भारत के सबसे बड़े हॉस्पिटैलिटी चेन OYO Rooms के फाउंडर और सीईओ रितेश अग्रवाल को आज कौन नहीं जानता? रितेश अग्रवाल एक सफल उद्यमी होने के साथ-साथ एक अरबपति भी हैं। अपने सपनों को सच करने के लिए रितेश ने कॉलेज छोड़ दिया था। लेकिन उनकी सफलता के पीछे कुछ सिद्धांत थे, जिन्हें फॉलो करते हुए ही वे आज भारत के सबसे यंगेस्ट बिजनेसमैन की लिस्ट में शुमार हैं।
आज के समय में ओयो रूम्स 35 देशों में बिजनेस कर रहा है
जब एक बार किसी बड़ी समस्या को हल करने और एक बड़ा प्रभाव छोड़ने का जुनून आ जाएगा तब सब कुछ ठीक हो जाता है
29 साल के रितेश अग्रवाल का जन्म 16 नवंबर, 1993 को ओडिशा में हुआ था। रिपोर्ट्स के मुताबिक रितेश ने 13 साल की उम्र में सिम कार्ड बेचना शुरू किया था। 18 की उम्र में उन्होंने Oravel Stays नाम से बजट एकोमोडेशन पोर्टल की शुरुआत की, जिसे साल 2013 में OYO के नाम से लॉन्च किया गया।
स्टार्टअप की सच्चाई ये है कि इसमें आप अक्सर असफल होते हैं
रितेश अग्रवाल की मौजूदा नेटवर्थ 1.1 बिलियन डॉलर है। कंपनी ने साल 2015 में अपना मोबाइल ऐप लॉन्च किया। इसी साल 10 हजार कमरों के साथ ओयो रूम्स का नेटवर्क देश के 100 शहरों में फैल गया। साल 2016 में ओयो ने पहली बार देश के बाहर कदम रखा और मलेशिया में सेवाएं देनी शुरू कर दी।
एक उद्यमी के रूप में, आपको रिस्क लेने के लिए हमेशा तैयार रहना होगा। खासतौर पर जब नीचे जाने की संभावना सीमित हो और ऊपर पहुंचने की उम्मीद ज्यादा हो
साल 2018 में ओयो रूम्स ने यूनाइटेड किंगडम, चीन, इंडोनेशिया में भी अपना बिजनेस शुरू कर दिया। आज के समय में ओयो रूम्स 35 देशों में बिजनेस कर रहा है और कंपनी के पास 1 लाख 57 हजार से भी ज्यादा होटल और होम्स उपलब्ध हैं। रितेश ने इसी साल गीतांशा सूद के साथ शादी के बंधन में बंध गए।
