भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने वर्ष 2024-25 के लिए अपनी वार्षिक रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के अनुसार, 31 मार्च 2025 तक RBI की बैलेंस शीट का आकार सालाना आधार पर 8.20% की बढ़त के साथ 76.25 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वर्ष ₹70.47 लाख करोड़ था। RBI के मुताबिक इस वृद्धि के पीछे प्रमुख कारण सोने में 52.09%, घरेलू निवेश में 14.32% और विदेशी निवेश में 1.70% की वृद्धि रही। कुल परिसंपत्तियों में से 25.73% हिस्सेदारी घरेलू परिसंपत्तियों की और 74.27% हिस्सेदारी विदेशी परिसंपत्तियों, स्वर्ण भंडार और विदेशों को दिए गए ऋणों की थी।
सरकार को मिला भारी डिविडेंड
साल के अंत में RBI ने ₹2,68,590.07 करोड़ का अधिशेष अर्जित किया, जो पिछले वर्ष के ₹2,10,873.99 करोड़ के मुकाबले 27.37% अधिक रहा। इसी अधिशेष से केंद्र सरकार को ₹2.69 लाख करोड़ का डिविडेंड प्रदान किया गया। रिपोर्ट में बताया गया कि इस अवधि में RBI की कुल आय में 22.77% और व्यय में 7.76% की वृद्धि दर्ज की गई।
रिजर्व बैंक के अनुसार, जारी की गई मुद्रा, पुनर्मूल्यांकन खाते और अन्य देनदारियों में क्रमशः 6.03%, 17.32% और 23.31% की बढ़त देखी गई, जिसने देनदारियों को बढ़ाने में योगदान दिया। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि ₹44,861.70 करोड़ की राशि को Contingency Fund (CF) यानी आकस्मिकता निधि में ट्रांसफर किया गया है, जो भविष्य की अनिश्चितताओं से निपटने के लिए आवश्यक प्रावधान का हिस्सा है।
भाषा इनपुट के साथ
