Reserve Bank of India ने बुधवार को बताया कि वह 20 मार्च को 75,000 करोड़ रुपये की तीन दिन की वीआरआर (परिवर्तनीय रेपो दर) नीलामी करेगा। वीआरआर नीलामी एक तरीका है, जिससे आरबीआई बैंकों को कम समय के लिए पैसा (नकदी) देता है, ताकि सिस्टम में पैसे की कमी न हो।
नीलामी में जो पैसा बैंकों को दिया जाएगा, उसे 23 मार्च को वापस करना होगा। (फोटो क्रेडिट-iStock)
साधारण भाषा में समझें तो, यह एक तरह की बोली (नीलामी) होती है। इसमें बैंक खुद तय करते हैं कि वे कितनी ब्याज दर पर पैसा लेना चाहते हैं और उसी के आधार पर उन्हें फंड मिलता है। यह प्रक्रिया फिक्स्ड रेपो रेट से अलग होती है, क्योंकि उसमें ब्याज दर पहले से तय होती है, जबकि वीआरआर में दर नीलामी के जरिए तय होती है।
इतने बजे होगी नीलामी
Reserve Bank of India के अनुसार, यह नीलामी 20 मार्च को सुबह 9:30 बजे से 10:00 बजे के बीच होगी। इसमें जो पैसा बैंकों को दिया जाएगा, उसे 23 मार्च को वापस करना होगा। केंद्रीय बैंक ने बताया कि यह फैसला बैंकिंग सिस्टम में मौजूद और बदलती नकदी की स्थिति को देखते हुए लिया गया है। अभी के समय में बैंकिंग सिस्टम में करीब 81,963.69 करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी (सरप्लस) होने का अनुमान है। इसका मतलब है कि बैंकों के पास फिलहाल जरूरत से ज्यादा पैसा मौजूद है और सिस्टम में फंड की कमी नहीं है।
इसी को ध्यान में रखते हुए Reserve Bank of India समय-समय पर कदम उठाता रहता है, ताकि नकदी का संतुलन बना रहे। इसी क्रम में, आरबीआई ने 17 मार्च को 7 दिन की वीआरआर नीलामी के जरिए बैंकों में 48,014 करोड़ रुपये की अस्थायी नकदी भी डाली थी, जिससे बाजार में पैसे की उपलब्धता और बेहतर बनी रहे।
इससे पहले, आरबीआई ने ओपन मार्केट ऑपरेशन (OMO) के तहत सरकारी बॉन्ड खरीदकर बैंकों में करीब 3.50 लाख करोड़ रुपये की स्थायी नकदी डाली थी। पिछले कुछ महीनों से आरबीआई लगातार बैंकों में अच्छी मात्रा में पैसा डाल रहा है, ताकि एक दिन की ब्याज दरें नियंत्रण में बनी रहें और बाजार में पैसों की कमी न हो।
(इनपुट- भाषा)
