बिजनेस

अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी पर क्या होती है प्री-ईएमआई? Pre-EMI और EMI के बीच समझें अंतर

अंडर कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी खरीदने की योजना बना रहे हैं और इसके लिए Home Loan लेने वाले हैं तो आपको Pre-EMI और EMI के बीच अंतर समझना जरूरी है।

Image

Pre-EMI और EMI के बीच समझें अंतर (Photo: iStock)

अगर आप अंडर कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी (Under-Construction Property) खरीदने की योजना बना रहे हैं और इसके लिए Home Loan लेने वाले हैं तो आपने Pre-EMI शब्द जरूर सुना होगा। कई खरीदारों को लगता है कि होम लोन शुरू होते ही हर महीने पूरी EMI देनी पड़ती है। लेकिन Under-Construction Property के मामले में ऐसा जरूरी नहीं है। बैंक प्रॉपर्टी के निर्माण की स्थिति के हिसाब से लोन की रकम चरणों में जारी कर सकता है और इसी वजह से Pre-EMI की स्थिति बनती है।

Pre-EMI को समझना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि घर का निर्माण पूरा होने से पहले कई महीनों या वर्षों तक आपको एक अलग तरह का भुगतान करना पड़ सकता है। आइए आसान उदाहरण से समझते हैं कि Pre-EMI क्या है और यह सामान्य EMI से कैसे अलग है।

Pre-EMI क्या होती है?

जब आप Under-Construction Property के लिए Home Loan लेते हैं तो बैंक आमतौर पूरा लोन अमाउंट एक साथ जारी नहीं करता। जैसे-जैसे निर्माण आगे बढ़ता है, बिल्डर को भुगतान करने के लिए बैंक लोन की रकम चरणों में जारी कर सकता है।

जब तक पूरा लोन अमाउंट डिस्बर्स नहीं होता, तब तक बैंक द्वारा जारी की गई रकम पर लगने वाले ब्याज का भुगतान करना पड़ सकता है। इसी ब्याज के भुगतान को आम तौर पर Pre-EMI कहा जाता है।

उदाहरण के लिए मान लीजिए आपने 50 लाख का होम लोन लिया है, लेकिन अभी बैंक ने बिल्डर को केवल 10 लाख जारी किए हैं। अगर उस समय बैंक के नियमों के अनुसार Pre-EMI लागू है तो आपको पूरे 50 लाख पर ब्याज नहीं देना होगा। ब्याज उस रकम पर लगेगा जो बैंक वास्तव में जारी कर चुका है। बाद में जैसे-जैसे बैंक और रकम जारी करेगा, Pre-EMI की राशि भी बढ़ सकती है।

सामान्य EMI क्या होती है?

जब Home Loan की पूरी या निर्धारित लोन अमाउंट डिस्बर्स हो जाता है तो सामान्य तौर पर Loan की EMI शुरू होती है। EMI में Loan का Principal और Interest दोनों शामिल होते हैं। यानी EMI का भुगतान करते समय आप सिर्फ बैंक का ब्याज नहीं चुका रहे होते, बल्कि मूलधन भी धीरे-धीरे कम हो रहा होता है। यही Pre-EMI और सामान्य EMI के बीच सबसे बड़ा अंतर है।

Pre-EMI में आम तौर पर पहले से Disburse किए गए लोन अमाउंट पर ब्याज चुकाया जाता है, जबकि सामान्य EMI में मूलधन और ब्याज दोनों शामिल होते हैं। इसका मतलब यह है कि Pre-EMI के दौरान आपके लोन का मूलधन उसी तरह कम नहीं होता जैसे नियमित EMI चुकाने पर होता है।

यही वजह है कि सिर्फ कम Pre-EMI देखकर यह नहीं मान लेना चाहिए कि आपका Home Loan सस्ता पड़ रहा है।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

और पढ़ें
End of Article