भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत शुक्रवार को कमजोरी के साथ हुई। आईटी शेयरों में गिरावट के कारण बाजार पर दबाव देखा गया। सुबह 9:25 बजे बीएसई सेंसेक्स 45.58 अंकों की गिरावट के साथ 81,587.44 पर और एनएसई निफ्टी 24.20 अंक बढ़कर 24,857.80 पर कारोबार कर रहा था। आईटी सेक्टर में कमजोरी की वजह से बाजार दबाव में रहा, जिसमें इंफोसिस के शेयर 1% से ज्यादा टूट गए। सेक्टर में निवेशकों की सतर्कता का असर बाजार की चाल पर दिखा।
संस्थागत निवेश बरकरार, बाजार में स्थिरता
Geojit Investments Limited के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट डॉ. वी.के. विजयकुमार ने कहा कि एफआईआई और डीआईआई जैसे संस्थागत निवेशकों का स्थिर प्रवाह बाजार को सहारा दे रहा है, हालांकि किसी बड़े सकारात्मक ट्रिगर की कमी है।
डॉ. विजयकुमार के अनुसार, भारत की मजबूत और लगातार सुधरती अर्थव्यवस्था के बावजूद कॉर्पोरेट कमाई में वो तेजी नहीं दिख रही, जो बाजार को ऊपर ले जा सके। FY25 में निफ्टी की कमाई में सिर्फ 5.5% की वृद्धि हुई, जबकि FY26 के लिए अनुमानित वृद्धि 10% है।
लंबी अवधि में बाजार मजबूत, गिरावट पर खरीदारी का मौका
उन्होंने कहा कि मजबूत GDP ग्रोथ, घटती महंगाई और ब्याज दरें, साथ ही वित्तीय और चालू खाता घाटा में गिरावट जैसे कारक भारत की अर्थव्यवस्था को मीडियम टर्म में मजबूती देंगे। निवेशकों को बाजार में बने रहना चाहिए और गिरावट के मौके पर मजबूत कंपनियों के शेयर खरीदने की सलाह दी गई है।
डिस्क्लेमर : यहां शेयर बाजार में निवेश की सलाह नहीं दी गई है। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
