IPO Market Update : भारतीय प्राइमरी मार्केट के लिए यह सप्ताह अहम साबित हो सकता है। देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज National Stock Exchange (NSE) और Reliance Jio Infocomm दोनों अपने बहुप्रतीक्षित IPO की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक NSE IPO के लिए इस सप्ताह सेबी के पास अपना DRHP दाखिल कर सकती है। वहीं, मुकेश अंबानी की JIO IPO के जरिये करीब 4 अरब डॉलर (लगभग ₹33,000 करोड़) जुटाने के लिए इस महीने ड्राफ्ट दस्तावेज जमा करने की तैयारी में है।
एनएसई और जियो के आईपीओ पटरी पर लौटे
NSE IPO: खत्म होगा एक दशक का इंतजार
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक NSE का बहुप्रतीक्षित आईपीओ इस सप्ताह बड़ा मोड़ ले सकता है। निवेश बैंकरों के हवाले से आई रिपोर्टों में कहा गया है कि एक्सचेंज शुक्रवार तक DRHP दाखिल कर सकता है। यह पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) आधारित इश्यू होने की संभावना है, जिसमें मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। बाजार में चर्चा है कि NSE का वैल्यूएशन ₹5 लाख करोड़ के आसपास या उससे ऊपर पहुंच सकता है। यदि ऐसा होता है तो यह भारत के इतिहास के सबसे बड़े आईपीओ में शामिल होगा। हालांकि कंपनी और सेबी की ओर से अभी आधिकारिक वैल्यूएशन जारी नहीं किया गया है।
Jio IPO: AGM से पहले बड़ा ऐलान संभव
दूसरी तरफ रिलायंस जियो इन्फोकॉम भी IPO प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। Financial Times, Reuters और अन्य रिपोर्ट्स के अनुसार जियो कुछ दिनों के भीतर अपने ड्राफ्ट पेपर दाखिल कर सकती है। यह कदम रिलायंस इंडस्ट्रीज की वार्षिक आम बैठक (AGM) से ठीक पहले उठाया जा सकता है। बाजार में उम्मीद है कि जियो का आईपीओ करीब 4 अरब डॉलर का हो सकता है। इससे यह भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गमों में शामिल हो जाएगा। Reuters की एक पुरानी रिपोर्ट में जियो का संभावित वैल्यूएशन 180 अरब डॉलर तक बताया गया था, हालांकि अंतिम आंकड़े आईपीओ दस्तावेजों में ही स्पष्ट होंगे।
क्यों खास हैं ये दोनों IPOs?
2026 की शुरुआत में वैश्विक अनिश्चितता, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और भू-राजनीतिक तनावों के कारण आईपीओ बाजार की रफ्तार धीमी पड़ी थी। ऐसे समय में NSE और Jio जैसे बड़े नामों का बाजार में आना निवेशकों का भरोसा बढ़ाने वाला कदम माना जा रहा है। इन दोनों इश्यू के जरिए भारतीय पूंजी बाजार में अरबों डॉलर का निवेश आकर्षित हो सकता है। इससे प्राइमरी मार्केट में नई जान आने की उम्मीद है।
निवेशकों के लिए क्या मायने?
NSE के लिस्ट होने के बाद निवेशकों को भारत के दो बड़े एक्सचेंजों में निवेश का विकल्प मिलेगा। अभी केवल BSE Limited सूचीबद्ध है। वहीं जियो का आईपीओ भारतीय टेलीकॉम और डिजिटल सेक्टर में निवेश का नया अवसर खोल सकता है। हालांकि निवेशकों को अंतिम निर्णय लेने से पहले DRHP, वैल्यूएशन, वित्तीय प्रदर्शन और जोखिम कारकों का अध्ययन जरूर करना चाहिए। फिलहाल दोनों कंपनियों की ओर से अंतिम इश्यू साइज, प्राइस बैंड और लिस्टिंग टाइमलाइन की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
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