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भारत में फिर खुल सकते हैं नए बैंक, 2014 के बाद पहली बार लाइसेंस देने पर विचार: रिपोर्ट

India Mulls New Bank Licenses After a Decade: 2016 में भारत ने बड़ी कंपनियों को बैंकिंग लाइसेंस देने पर रोक लगाई थी, लेकिन अब इस पॉलिसी पर फिर से विचार हो सकता है। हालांकि इसके साथ शेयरहोल्डिंग और कंट्रोल को लेकर सख्त शर्तें लगाई जाएंगी। रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ऐसी कंपनियों को भी बैंकिंग लाइसेंस देने पर विचार कर रही है जो बड़ी कारोबारी इकाइयां हैं, हालांकि उनके शेयरहोल्डिंग पर सख्त शर्तें लागू होंगी।

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भारत में आखिरी बार 2014 में नए बैंकिंग लाइसेंस दिए गए थे। (AI Generated Image)

India Mulls New Bank Licenses After a Decade: करीब एक दशक बाद भारत में नए बैंकों के लाइसेंस जारी हो सकते हैं। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त मंत्रालय और रिजर्व बैंक (RBI) मिलकर बैंकिंग सेक्टर को मजबूत बनाने की योजना पर चर्चा कर रहे हैं। इस प्लान का मकसद भारत के आर्थिक विकास को 2047 तक नई ऊंचाई पर ले जाना है। रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ऐसी कंपनियों को भी बैंकिंग लाइसेंस देने पर विचार कर रही है जो बड़ी कारोबारी यूनिट्स हैं, हालांकि उनके शेयरहोल्डिंग पर सख्त शर्तें लागू होंगी। इसके साथ ही गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) को फुल-सर्विस बैंक में बदलने और सरकारी बैंकों में विदेशी निवेशकों के लिए हिस्सेदारी बढ़ाने के नियमों में ढील देने पर भी बातचीत चल रही है।

एक दशक बाद नए बैंक लाइसेंस का रास्ता खुल सकता है

भारत में आखिरी बार 2014 में नए बैंकिंग लाइसेंस दिए गए थे। अब सरकार और RBI फिर से यह प्रक्रिया शुरू करने पर विचार कर रहे हैं, ताकि बैंकिंग सेक्टर का विस्तार हो और बड़े प्रोजेक्ट्स को फंडिंग मिल सके।

छोटे बैंकों का विलय और विदेशी निवेश में ढील संभव

सरकार छोटे बैंकों को मिलाकर बड़े संस्थान बनाने और पब्लिक सेक्टर बैंकों में विदेशी निवेश की सीमा बढ़ाने पर भी विचार कर रही है। फिलहाल यह सीमा 20% है, जिसे बढ़ाने की बात हो रही है, हालांकि सरकारी कंट्रोल बना रहेगा।

बड़ी कंपनियों को भी बैंक खोलने की मंजूरी पर मंथन

2016 में भारत ने बड़ी कंपनियों को बैंकिंग लाइसेंस देने पर रोक लगाई थी, लेकिन अब इस पॉलिसी पर फिर से विचार हो सकता है। हालांकि इसके साथ शेयरहोल्डिंग और कंट्रोल को लेकर सख्त शर्तें लगाई जाएंगी।

NBFCs को भी मिलेगा फुल बैंक बनने का मौका

दक्षिण भारत में मौजूद कई नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों (NBFCs) को बैंकिंग लाइसेंस देने पर भी विचार किया जा रहा है। इससे मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में लंबी अवधि के लोन देना आसान होगा।

भारत के बड़े बैंक दुनिया की रैंकिंग में पीछे

फिलहाल सिर्फ SBI और HDFC Bank ही दुनिया के टॉप 100 बैंकों में आते हैं। चीन और अमेरिका के बैंक इस सूची में हावी हैं। सरकार चाहती है कि भारत में भी ऐसे मजबूत और बड़े बैंक बनें जो ग्लोबल स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।

भारत को 2047 तक विकसित देश बनाने का लक्ष्य

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक भारत को विकसित अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए बैंकिंग सेक्टर से GDP के मुकाबले 130% तक फंडिंग क्षमता बढ़ाने की जरूरत बताई गई है। RBI भी लाइसेंसिंग फ्रेमवर्क की समीक्षा कर रहा है।

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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