Dry Fruits import, Afghanistan trade crisis: पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के चलते अटारी-वाघा सीमा को बंद कर दिया गया है। इस फैसले से अफगानिस्तान से भारत में आने वाले सूखे मेवों के आयात पर गहरा असर पड़ सकता है। बादाम, किशमिश, खुबानी और पिस्ता जैसे सूखे मेवों की कीमतों में जल्द ही भारी उछाल देखने को मिल सकता है।
10 दिन में सूखे मेवे 20% महंगे! अटारी सीमा बंदी से व्यापार पर पड़ा भारी असर
क्या है मामला?
पहलगाम हमले में 26 लोगों की जान जाने के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ सीमा को बंद करने का कदम उठाया। बदले में पाकिस्तान ने भी भारत के साथ व्यापार पर रोक लगा दी। अफगानिस्तान के साथ भारत का अधिकांश व्यापार अटारी-वाघा सीमा के माध्यम से होता था, जिससे अब सप्लाई चेन बाधित हो गई है।
कितना होगा असर?
आंकड़ों के मुताबिक, भारत ने 2024-25 (अप्रैल-जनवरी) के दौरान अफगानिस्तान से 59.14 करोड़ डॉलर का आयात किया था, जिसमें 35.8 करोड़ डॉलर का सूखा मेवा शामिल था। दिल्ली के आयातकों का कहना है कि फिलहाल तो कोई बड़ा असर नहीं दिखेगा, लेकिन 10 दिन बाद सप्लाई रुकने से कीमतों में लगभग 20% की बढ़ोतरी हो सकती है।
वैकल्पिक रास्ते भी तलाशे जा रहे
व्यापारियों के अनुसार, अब सूखे मेवे यूएई, ईरान और इराक जैसे देशों के जरिये भारत लाए जाएंगे, जो अफगान सूखे मेवों के लिए विकल्प बन सकते हैं।
भाषा इनपुट के साथ
