HDFC Bank में आई हालिया गिरावट को लेकर जहां बाजार में डर है, वहीं ब्रोकरेज हाउस इसे बड़ा मौका मान रहे हैं। चेयरमैन के इस्तीफे के बाद शेयर 8% तक टूट गया, लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह गिरावट नहीं डिस्काउंट एंट्री है। बहरहाल, HDFC Share Price Target क्या HDFC का शेयर अभी खरीदना चाहिए? अगर आप भी इस सवाल का जवाब खोज रहे हैं, तो कई ब्रोकरेज हाउस ने इसका जवाब देते हुए कहा है कि हां, यह HDFC के शेयर खरीदने का सही समय है। मौजूदा लेवल से शेयर मीडियम टू लॉन्ग टर्म में 58% तक की रैली कर सकता है।
ब्रोकरेज ने बताया क्यों HDFC खरीदने का सही समय
गिरावट नहीं, डिस्काउंट ऑफर
HDFC Bank के शेयर में आई 5% गिरावट को ब्रोकरेज हाउस ने नेगेटिव नहीं बल्कि एंट्री ऑपर्च्युनिटी बताया है। उनका मानना है कि यह गिरावट सेंटिमेंट-ड्रिवन है, जबकि बैंक के फंडामेंटल और बिजनेस मोमेंटम मजबूत बने हुए हैं। ऐसे में मौजूदा स्तर निवेशकों के लिए डिस्काउंट जैसा मौका दे रहे हैं।
40 से 58% तक अपसाइड का दावा
ग्लोबल ब्रोकरेज Jefferies ने स्टॉक पर ‘Buy’ रेटिंग बनाए रखते हुए ₹1240 का टारगेट दिया है, जो मौजूदा स्तर 785 से करीब 58% अपसाइड दिखाता है। वहीं, Motilal Oswal ने भी ‘Buy’ कॉल दोहराते हुए ₹1100 का टारगेट दिया है, जो करीब 40% रिटर्न का संकेत देता है। दोनों का मानना है कि मौजूदा गिरावट ओवररिएक्शन है।
| ब्रोकरेज | रेटिंग | टारगेट प्राइस | अपसाइड (₹785 से) | अपसाइड (%) | क्या कहा |
|---|---|---|---|---|---|
| Jefferies | Buy | ₹1,240 | ₹455 | ~58% | गवर्नेंस पर कोई बड़ा असर नहीं, मामूली इश्यू; इंटरिम चेयरमैन से स्थिरता |
| Motilal Oswal | Buy | ₹1,100 | ₹315 | ~40% | गिरावट ओवररिएक्शन, बैंक और RBI ने गवर्नेंस चिंता से इनकार किया |
| Citi | Buy | ₹1,200 | ₹415 | ~53% | शॉर्ट टर्म ओवरहैंग, लेकिन मिड-टर्म ग्रोथ मजबूत |
| Bernstein | Market Perform | ₹1,150 | ₹365 | ~46% | वैल्यूएशन बैलेंस्ड, बड़ी गवर्नेंस चिंता नहीं |
क्या सच में गवर्नेंस चिंता नहीं?
ब्रोकरेज रिपोर्ट्स के मुताबिक बैंक मैनेजमेंट और बोर्ड के साथ बातचीत में कोई बड़ा गवर्नेंस इश्यू सामने नहीं आया है। खुद RBI और बैंक ने भी साफ किया है कि इस्तीफे से जुड़ा कोई ऑपरेशनल या रेगुलेटरी जोखिम नहीं है। यही वजह है कि एक्सपर्ट्स ने अपने बुलिश व्यू को बरकरार रखा है।
अंतरिम चेयरमैन से मिलेगी स्थिरता
केकी मिस्त्री की अंतरिम चेयरमैन के तौर पर नियुक्ति को भी सकारात्मक माना जा रहा है। ब्रोकरेज का मानना है कि उनका अनुभव इस ट्रांजिशन फेज में स्थिरता देगा और निवेशकों का भरोसा बनाए रखने में मदद करेगा।
आगे क्या होंगे ट्रिगर
विश्लेषकों के अनुसार अब बाजार की नजर दो अहम चीजों पर रहेगी। पहली, स्थायी चेयरमैन की नियुक्ति और दूसरा CEO सक्सेशन प्लान। इन दोनों पर स्पष्टता आते ही स्टॉक में भरोसे की वापसी और तेज रिकवरी देखने को मिल सकती है।
डिस्क्लेमर: TIMES NOW नवभारत किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ या कमोडिटी में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।
