HDB Financial Services IPO: एचडीएफसी बैंक अपनी एनबीएफसी सब्सिडियरी कंपनी एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज का आईपीओ लाएगी। मार्केट कैपिटल के हिसाब से देश का सबसे बड़ा बैंक 2024 की आखिरी तिमाही या 2025 की पहली तिमाही में अपनी फाइनेंशियल सर्विस यूनिट का आईपीओ ला सकता है। यदि इसका आईपीओ 2024 में आता है, तो यह इस साल के सबसे बड़े पब्लिक इश्यू में से एक हो सकता है और एचडीएफसी बैंक और एचडीएफसी के विलय के बाद एचडीएफसी ग्रुप का पहला आईपीओ हो सकता है। एचडीएफसी बैंक ने प्रमुख इंवेस्टर बैंकों को इस प्रस्तावित आईपीओ के लिए बिड और वैल्यूएशन अनुमान पेश करने के लिए इनवाइट किया है।
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कितनी हो सकती है वैल्यूएशन
ईटी की रिपोर्ट के अनुसार एचडीबी फाइनेंशियल की वैल्यूएशन मार्केट की स्थिति के आधार पर आईपीओ के लिए 9 अरब डॉलर से 12 अरब डॉलर (75,000 करोड़ रु - 1 लाख करोड़ रु) के बीच होने की संभावना है। ईटी की रिपोर्ट में एक बैंकर के हवाले से कहा गया है कि प्राइवेट बैंक, जिसके पास एचडीबी की लगभग 95% हिस्सेदारी है, आईपीओ में 10% हिस्सेदारी बेच सकती है।
आईपीओ का कितना साइज हो सकता है
एचडीबी फाइनेंशियल की वैल्यूएशन के आधार पर इसका इश्यू साइज 7,500 करोड़ रु से 10,000 करोड़ रु तक हो सकता है। एचडीएफसी बैंक निवेशकों के साथ प्री-आईपीओ शेयर प्लेसमेंट पर भी विचार कर सकता है।
ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक अनलिस्टेड मार्केट में एचडीबी फाइनेंशियल की वैल्यूएशन 7.9 अरब डॉलर (65,690 करोड़ रु) है, जो कि इसके शेयर के 830 रु के भाव के आधार पर है।
सितंबर 2025 तक आईपीओ आना है जरूरी
एचडीएफसी बैंक को एचडीबी फाइनेंशियल का आईपीओ सितंबर 2025 तक लाना होगा। आरबीआई ने सितंबर 2023 में आदेश दिया था कि 'अपर लेयर' के तौर पर क्लासिफाइड एनबीएफसी को दो साल के अंदर लिस्ट होना होगा।
