Windfall Tax: केंद्र सरकार ने दो महीने बाद फिर से घरेलू पेट्रोलियम क्रूड पर विंडफॉल टैक्स लगाया है। कच्चे पेट्रोलियम पर स्पेशल विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (SAED) शून्य से बढ़ाकर 1600 रुपये प्रति मीट्रिक टन कर दिया है। यह शुल्क 15 जुलाई से प्रभावी कर दिया गया है। बता दें कि सरकार ने मई में कच्चे पेट्रोलियम पर विंडफॉल टैक्स को 4,100 रुपये प्रति टन से घटाकर शून्य कर दिया था।
विंडफॉल टैक्स
विंडफॉल प्रॉफिट टैक्स का ऐसे होता है कैलकुलेशन
वित्त मंत्रालय ने नोटीफिकेशन में कहा कि पेट्रोलियम क्रूड पर विंडफॉल टैक्स और बढ़े हुए स्पेशल एडीशनल एक्साइज ड्यूटी चार्ज 15 जुलाई शनिवार से लागू किए जा रहे हैं। कहा गया है कि सरकार ने डीजल, पेट्रोल और विमानन टरबाइन ईंधन पर विंडफॉल टैक्स को शून्य रहने दिया है। ताजा बदलाव तेल की बढ़ती कीमतों के कारण आया है। पिछले दो सप्ताह में तेल की औसत कीमतों के आधार पर टैक्स रेट्स रिव्यू किए जाते हैं। विंडफॉल प्रॉफिट टैक्स का कैलकुलेशन तेल कंपनियों को एक सीमा से ऊपर मिलने वाली किसी भी कीमत को हटाकर की जाती है।
पहली बार जुलाई 2022 में लगा था टैक्स
सरकार ने पिछले साल जुलाई 2022 में पहली बार क्रूड ऑयल प्रोड्यूसर्स पर विंडफॉल टैक्स लगाया था और गैसोलीन, डीजल और जेट ईंधन (ATF) के निर्यात पर चार्जेस बढ़ा दिए थे। इसके साथ ही भारत उन देशों में शामिल हो गया था जो ऊर्जा कंपनियों के अप्रत्याशित, अतिरिक्त मुनाफे या विंडफॉल प्रॉफिट पर टैक्स लगाते हैं।
तेल की कीमतें में हुआ इजाफा
हाल के दिनों में वैश्विक तेल की कीमतें लगभग तीन महीनों में अपने हाईएस्ट लेवल पर पहुंच गई हैं। अंतर्राष्ट्रीय ब्रेंट क्रूड वायदा 80 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर कारोबार कर रहा था। तेल की कीमतों में बढ़ोतरी की वजह लीबिया और नाइजीरिया में सप्लाई में दिक्कत भी है। मुख्य रूप से शीर्ष तेल उत्पादक सऊदी अरब और रूस से आपूर्ति में कटौती के चलते दो सप्ताह में तेल की कीमतों में 11% से अधिक की वृद्धि हुई है। अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) की गुरुवार को आई एक रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि इस साल तेल की मांग रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच जाएगी।
