Gold-Silver Rate Traget: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी भीषण युद्ध और कच्चे तेल की आग में शेयर बाजाार से लेकर सोने-चांदी झुलस रहे हैं। इक्विटी से लेकर कमोडिटी मार्केट में चौतरफा बिकवाली है। भारतीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में आज ऐतिहासिक गिरावट है। चांदी ₹26,000 प्रति किलोग्राम तक सस्ती हो गई है। वहीं सोने के भाव में ₹13,000 प्रति 10 ग्राम की भारी गिरावट है। MCX पर सिल्वर ने 199,643 रुपये प्रति किलोग्राम का निचला स्तर छुआ। वहीं, सोने का भाव 131,488 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया है। बता दें कि चांदी ने इसी साल 4.40 लाख रुपये प्रति किलो का रिकॉर्ड हाई बनाया था। वहीं, सोने ने भी 1.93 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का उच्चतम स्तर छुआ था। इस तरह रिकॉर्ड हाई से सोने और चांदी की कीमत में बड़ी गिरावट आ गई है। तो क्या यह खरीदारी करने का सही समय है या दोनों कीमती धातु अभी और सस्ती होगी? अगर आप इस सवाल का जवाब ढूंढ रहे हैं तो चलिए बताते हैं कि एक्सपर्ट का क्या है कहना?
क्यों टूट रहे हैं सोना-चांदी के दाम?
कमोडिटी विशेषज्ञों के मुताबिक, मौजूदा गिरावट के पीछे कई बड़े कारण हैं। सबसे अहम कारण है कच्चे तेल की कीमतों में तेजी। अनुमान लगाया जा रहा है कि क्रूड ऑयल की कीमतें 125 से 130 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। हालांकि, तेल की उपलब्धता बनी हुई है, लेकिन सप्लाई बाधित हो रही है, जिससे बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है। ईरान युद्ध ने बाजार की दिशा बदल दी है। आमतौर पर ऐसे समय में सोना सेफ हेवन माना जाता है, लेकिन इस बार तस्वीर उलटी है। बढ़ती महंगाई और ब्याज दरों को लेकर चिंताओं ने निवेशकों को सोना-चांदी बेचने पर मजबूर कर दिया है। इतना ही नहीं, फाइनेंशियल हब दुबई पर हमला से हालात बिगड़े हैं। इससे निवेशक कैश अपने पास रखना चाह रहे हैं। इससे सोने और चांदी में जबरदस्त बिकवाली है।
सोने और चांदी पर बना रहेगा दबाब
वैश्विक बाजार में आज सोने की कीमत 4,434 डॉलर प्रति औंस है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव फिलहाल दबाव में है और इसका अगला बड़ा सपोर्ट 4000 डॉलर के आसपास माना जा रहा है। वहीं, चांदी की कीमतों का अगला सपोर्ट 58 डॉलर और उससे नीचे 50 डॉलर तक बताया जा रहा है। कमोडिटी एक्सपर्ट के अनुसार, “जब तक युद्ध खत्म नहीं होता, तब तक बाजार में बिकवाली हावी रहेगी। निवेशकों को अभी सावधानी बरतनी चाहिए।”
Gold-Silver price today
जून तक सोने का भाव 1 लाख 5 हजार रुपये होगा
भारतीय बाजार में सोने की कीमत फिलहाल ऊंचे स्तर से नीचे आई है, लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह गिरावट अभी खत्म नहीं हुई है। अगले कुछ दिनों में सोना ₹1.30 लाख तक फिसल सकता है। वहीं, चांदी की कीमत ₹1.95 लाख प्रति किलोग्राम तक गिर सकती है। वहीं, जून 2026 तक सोना 1 लाख 5 हजार रुपये होगा प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच सकता है। चांदी ₹1.70 लाख प्रति किलोग्राम तक गिर सकती है।
3450 डॉलर से शुरू हुई थी रैली
सोने में रैली 3450 डॉलर के स्तर से शुरू हुई थी। ऐसे में तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, सोना फिर से इसी स्तर तक फिसल सकता है। इसका मतलब है कि मौजूदा गिरावट अभी और जारी रह सकती है। चांदी के लिए बाजार में स्थिति और भी नाजुक है। चांदी का 58 डॉलर का अहम सपोर्ट टूटने के बाद अब चांदी का अगला पड़ाव 50 डॉलर प्रति औंस देखा जा रहा है।
लगातार चौथे सप्ताह सोने और चांदी में गिरावट
कमोडिटी एक्सपर्ट के अनुसार, सोने और चांदी में लगातार चौथे सप्ताह गिरावट जारी रहने के आसार हैं। चॉइस ब्रोकिंग के जिंस एवं मुद्रा विश्लेषक आमिर मकदा ने कहा कि सोमवार को सोने की शुरुआत भी गिरावट के साथ हुई। पश्चिम एशिया में तनाव के कारण मुद्रास्फीति की आशंकाओं और निकट भविष्य में ब्याज दरों में वृद्धि की अटकलों के बीच लगातार चौथे सप्ताह भी इसमें गिरावट जारी रहने के आसार हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में, कॉमेक्स पर अप्रैल में आपूर्ति वाले अनुबंधों के लिए सोने का वायदा भाव 202.4 डॉलर या 4.42 प्रतिशत घटकर 4,372.5 डॉलर प्रति औंस रह गया।
अजय केडिया की चेतावनी: 'जब तक वॉर, तब तक सेल-ऑफ'
बाजार के दिग्गज एक्सपर्ट अजय केडिया के अनुसार, मौजूदा गिरावट का सीधा संबंध मध्य-पूर्व में जारी युद्ध (War) से है। उनका कहना है कि बाजार में पैनिक सेलिंग जारी है। जब तक ईरान और वैश्विक शक्तियों के बीच चल रहा यह युद्ध खत्म नहीं होता, तब तक सोने और चांदी में गिरावट का दौर जारी रहेगा। निवेशक फिलहाल 'सेफ हेवन' से हाथ खींच रहे हैं क्योंकि लिक्विडिटी का संकट बढ़ रहा है।
निवेशकों के लिए क्या हो रणनीति?
मौजूदा हालात को देखते हुए विशेषज्ञ निवेशकों को जल्दबाजी में खरीदारी से बचने की सलाह दे रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि रामनवमी तक इंतजार करना एक बेहतर रणनीति हो सकती है। तब तक बाजार की दिशा और साफ हो जाएगी। निवेशकों के लिए सबसे जरूरी है सही समय का इंतजार। जल्दबाजी में लिया गया फैसला नुकसान करा सकता है।
