Gold-Silver ETF : अप्रैल 2026 में Gold ETF यानी एक्सचेंज ट्रेडेड फंड में निवेशकों की दिलचस्पी फिर बढ़ी है। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में गोल्ड ETF में 3,040 करोड़ रुपये का निवेश आया, जो मार्च के 2,265 करोड़ रुपये की तुलना में करीब 34 फीसदी ज्यादा है। वहीं दूसरी ओर Silver ETF से लगातार तीसरे महीने पैसा निकाला गया।
अप्रैल में गोल्ड ETF में निवेश बढ़ा, सिल्वर ETF से लगातार तीसरे महीने निकासी
सिल्वर ETF में जारी रही निकासी
AMFI के आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल में सिल्वर ETF से 126 करोड़ रुपये की निकासी हुई। इससे पहले मार्च में 683 करोड़ रुपये और फरवरी में 826 करोड़ रुपये का आउटफ्लो दर्ज किया गया था। यानी निवेशक फिलहाल सिल्वर ETF में ज्यादा भरोसा नहीं दिखा रहे हैं। अप्रैल में गोल्ड ETF में निवेश बढ़ा जरूर, लेकिन यह तेजी साल की शुरुआत, खासकर जनवरी के मुकाबले काफी कम रही। उनके अनुसार, अप्रैल में निवेशकों की ओर से स्थिर और धीरे-धीरे बढ़ती मांग देखने को मिली, न कि डर या जोखिम से बचने के लिए अचानक निवेश।
अप्रैल में कैसा रहा गोल्ड और सिल्वर ETF का प्रदर्शन
अप्रैल में कमोडिटी आधारित ETF का प्रदर्शन लगभग सपाट रहा। गोल्ड ETF में मामूली गिरावट देखने को मिली, जबकि सिल्वर ETF ने हल्का सकारात्मक रिटर्न दिया। इस दौरान बाजार में 26 गोल्ड ETF एक्टिव रहे। इनमें निप्पॉन इंडिया ETF गोल्ड BeES में सबसे ज्यादा करीब 0.28 फीसदी की गिरावट आई। इसके बाद बड़ौदा BNP परिबा गोल्ड ETF, ग्रो गोल्ड ETF और जरोधा गोल्ड ETF में करीब 0.27 फीसदी तक गिरावट दर्ज की गई। वहीं 18 सिल्वर ETF ने औसतन 0.13 फीसदी का रिटर्न दिया। आदित्य बिड़ला SL सिल्वर ETF ने सबसे ज्यादा करीब 0.15 फीसदी का फायदा दिया, जबकि जेरोधा सिल्वर ETF का रिटर्न सबसे कम 0.08 फीसदी रहा।
क्या बताता है निवेशकों का रुख
अप्रैल में गोल्ड ETF में आया निवेश FY26 के औसत मासिक निवेश 4,783 करोड़ रुपये से कम रहा। उनके मुताबिक, यह स्थिति बताती है कि निवेशक केवल तेजी का फायदा उठाने के लिए नहीं, बल्कि लंबी अवधि में धीरे-धीरे संपत्ति बनाने की सोच के साथ निवेश कर रहे हैं। अप्रैल में ETF और इंडेक्स फंड में अच्छा निवेश देखने को मिला। वहीं गोल्ड ETF में सीमित लेकिन संतुलित निवेश हुआ, जो यह दिखाता है कि निवेशक जोखिम और सुरक्षा दोनों के बीच संतुलन बनाकर चल रहे हैं।
अप्रैल में सोने और चांदी की कीमतों पर क्या असर रहा
आमतौर पर वैश्विक अनिश्चितता बढ़ने पर सोने की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिलता है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। मार्च के मध्य से सोने की कीमतें एक सीमित दायरे में बनी रहीं। अप्रैल में सोने की कीमतों में केवल 0.03 फीसदी की मामूली बढ़त दर्ज हुई और यह 1.51 लाख रुपये प्रति किलो पर बंद हुआ। टाटा म्यूचुअल फंड की रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल में बाजार में उतार-चढ़ाव कम रहा और निवेशकों का भरोसा फिर से इक्विटी बाजार की ओर बढ़ा। इससे गोल्ड और सिल्वर की चमक थोड़ी फीकी पड़ी। हालांकि ETF में मजबूत निवेश, अमेरिकी डॉलर में हल्की कमजोरी और मार्च की गिरावट के बाद खरीदारी ने सोने को सहारा दिया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि सोलर एनर्जी और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर से बढ़ती औद्योगिक मांग ने सिल्वर की कीमतों को मजबूती दी।
गोल्ड और सिल्वर ETF का AUM बढ़ा
अप्रैल में गोल्ड ETF का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 4 फीसदी बढ़कर 1.78 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया, जो मार्च में 1.71 लाख करोड़ रुपये था। वहीं सिल्वर ETF का AUM भी 3 फीसदी बढ़कर 81,944 करोड़ रुपये हो गया।
निवेशकों के लिए क्या है सलाह
टाटा म्यूचुअल फंड का मानना है कि आने वाले समय में सोने की कीमतें कुछ समय तक सीमित दायरे में रह सकती हैं। अमेरिका में लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरें, मजबूत डॉलर और बढ़ते बॉन्ड यील्ड का असर सोने पर पड़ सकता है। हालांकि किसी भी बड़ी गिरावट को लंबी अवधि के निवेश के अवसर के रूप में देखा जा सकता है। वहीं सिल्वर को लेकर फंड हाउस का कहना है कि औद्योगिक मांग और चीन की खरीदारी से कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। इसलिए निवेशकों को एकमुश्त निवेश की बजाय धीरे-धीरे और चरणबद्ध तरीके से निवेश करना बेहतर रहेगा।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है, निवेश की सलाह नहीं है, अगर आपको निवेश करना है तो एक्सपर्ट्स से संपर्क करें।)
