Gold-Silver prices crash: कमोडिटी बाजार में ऐसा भूचाल आया, जिसने निवेशकों को चौंका दिया। महीनों से रिकॉर्ड तोड़ तेजी दिखा रहे सोना और चांदी के दाम अचानक औंधे मुंह गिर गए। मीडिया में निवेशकों में लाखों करोड़ रुपये स्वाहा जैसे जैसे शब्द देखने को मिलने लगे। खास बात यह रही कि गिरावट इतनी तेज और बड़ी थी कि बाजार इसके लिए पूरी तरह तैयार नहीं था। पिछले कुछ महीनों से सोना और चांदी लगातार नए-नए रिकॉर्ड बना रहे थे। गुरुवार को ही सोना ₹1,83,000 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹4,04,500 प्रति किलो के ऑल टाइम हाई पर पहुंची थी। लेकिन शुक्रवार को तस्वीर पूरी तरह बदल गई। यह बजट 2026 के दिन भी जारी है। दिल्ली के बाजार में सोना एक ही दिन में करीब ₹14,000 प्रति 10 ग्राम टूट गया, जबकि चांदी की कीमतों में ₹20,000 प्रति किलो की भारी गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों के लिए यह झटका किसी बुरे सपने से कम नहीं था। निवेशकों के 5 लाख करोड़ (5 ट्रिलियन डॉलर) रुपये डूब गए।
सोना-चांदी में अचानक भारी गिरावट, निवेशकों में मचा हड़कंप
सिर्फ दो दिन में 5 ट्रिलियन डॉलर साफ!
मिराए एसेट शेयरखान के आंकड़ों के मुताबिक, सिर्फ पिछले दो दिनों में सोने का मार्केट कैप करीब $3.5 ट्रिलियन घट गया, जबकि चांदी का मार्केट कैप $1.5 ट्रिलियन कम हुआ। यानी कुल मिलाकर $5 ट्रिलियन (करीब 5 लाख करोड़ रुपये) की वैल्यू बाजार से गायब हो गई। हालांकि, अगर साल की शुरुआत से देखें तो सोना अब भी करीब $3 ट्रिलियन ऊपर है और चांदी में $2 ट्रिलियन की बढ़त बनी हुई है। पिछले दो सालों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना करीब 150% और चांदी 326% तक चढ़ चुकी है।
MCX पर भी तेज बिकवाली
बजट के दिन मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना आज 6.45 प्रतिशत गिरकर यानी 9,653 रुपये घटकर 1,40,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। फिछले कारोबारी दिन शुक्रवार देर शाम मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी भारी बिकवाली देखने को मिली। फरवरी डिलीवरी वाला सोना गिरकर करीब ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम पर आ गया। जट के दिन मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी आज 9 प्रतिशत गिरकर यानी 26,273 रुपये घटकर 2,65,652 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया। इससे पहले पिछले कारोबारी दिन मार्च डिलीवरी वाली चांदी करीब ₹3 लाख प्रति किलो तक लुढ़क गई, जो अपने उच्च स्तर से ₹1 लाख से ज्यादा नीचे है। कुल मिलाकर, सोना अपने रिकॉर्ड स्तर से करीब 10% और चांदी करीब 20% तक टूट चुकी है।
इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई?
- मुनाफावसूली का दबाव: विशेषज्ञों का मानना है कि सोना और चांदी बहुत तेजी से ऊपर गए थे। ऐसे में निवेशकों का मुनाफा काटना (प्रॉफिट बुकिंग) स्वाभाविक था। जब बड़े निवेशकों ने बिकवाली शुरू की, तो गिरावट और तेज हो गई।
- लॉन्ग पोजीशन की भारी कटौती: बाजार में बड़ी मात्रा में लॉन्ग पोजीशन बनी हुई थी। जैसे ही दाम नीचे आए, स्टॉप लॉस ट्रिगर हुए और मजबूरन बिकवाली बढ़ती चली गई।
- डॉलर और बॉन्ड यील्ड में मजबूती: अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में मजबूती और बॉन्ड यील्ड बढ़ने से भी सोने-चांदी पर दबाव बना। आमतौर पर मजबूत डॉलर का मतलब होता है कि सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों की चमक फीकी पड़ती है।
फेड चेयरमैन की नियुक्ति से बदला माहौल: बाजार में घबराहट की एक बड़ी वजह अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फेडरल रिजर्व चेयरमैन पद के लिए केविन वार्श को चुनना माना जा रहा है। केविन वार्श को एक “इन्फ्लेशन हॉक” यानी महंगाई को लेकर सख्त रुख अपनाने वाला नेता माना जाता है। वे ब्याज दरों में कटौती के पक्ष में नहीं रहे हैं और फेड की ढीली मौद्रिक नीति के आलोचक रहे हैं। इससे बाजार में यह संकेत गया कि भविष्य में ब्याज दरें ज्यादा समय तक ऊंची रह सकती हैं, जो सोने-चांदी के लिए नकारात्मक माना जाता है।
आगे का आउटलुक
विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले कुछ सत्रों में बाजार में तेज उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। चांदी के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में $95–$107 प्रति औंस का दायरा अहम रहेगा। MCX पर चांदी के लिए ₹2.92 लाख से ₹3.04 लाख प्रति किलो मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है सोने के लिए $4780–$5260 प्रति औंस का ट्रेडिंग रेंज अगले 1–2 हफ्तों में रह सकता है
