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Shraddha Dhawan Success Story: महिला किसान गाय-भैंस के दूध और गोबर से कर रही मोटी कमाई, 24 साल की उम्र में बनी करोड़पति

Shraddha Dhawan Success Story: श्रद्धा के डेयरी फार्म में कई भैंसे हैं। उन्होंने सबसे पहले दूध की क्वालिटी में सुधार करने का फैसला किया। धीरे-धीरे, इससे दूध कीमतों में वृद्धि हुई। इसके बाद उन्होंने महाराष्ट्र में अपने स्टार्ट-अप 'श्रद्धा फार्म्स' खोला।

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श्रद्धा फार्म की सफलता की कहानी

KEY HIGHLIGHTS
  • गाय-भैंस के दूध-गोबर से अमीर बनीं श्रृद्धा बनीं करोड़पति
  • 1 करोड़ रु है नेटवर्थ
  • अमेरिका तक के किसान हैं उनसे मिलने आते

Shraddha Dhawan Success Story: महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के निघोज गांव की 24 वर्षीय डेयरी किसान श्रद्धा धवन अपनी कमाई के सिम्पल तरीके से लाखों रु कमा रही हैं। वे अपने दिव्यांग पिता की मदद के लिए उनके साथ अपनी किशोरावस्था में ही डेयरी फार्मिंग में जुड़ गई थीं। उन्हीं से श्रद्धा ने डेयरी फार्म के बारे में सीखना शुरू कर दिया और फिर 'श्रद्धा फार्म्स' की शुरुआत की। आज उनकी नेटवर्थ 1 करोड़ है। उनके पास फिजिक्स में एमएससी की डिग्री भी है। श्रद्धा के डेयरी फार्म में कई भैंसे हैं। उन्होंने सबसे पहले दूध की क्वालिटी में सुधार करने का फैसला किया। धीरे-धीरे, इससे दूध कीमतों में वृद्धि हुई। इसके बाद उन्होंने महाराष्ट्र में अपने स्टार्ट-अप 'श्रद्धा फार्म्स' खोला और उसके के लिए दो मंजिला इमारत तैयार कराई। इंटरनेट के जरिए उन्होंने दुनिया भर के दूसरे कुशल किसानों के साथ अपनी नॉलेज का आदान-प्रदान शुरू किया। इससे उन्हें काफी लाभ हुआ।

जीरो-वेस्टेज पॉलिसी को किया फॉलो

श्रद्धा ने जीरो-वेस्टेज पॉलिसी को पूरी तरह से लागू किया। इसके लिए उन्होंने भैंसों के बाय-प्रोडक्ट्स का उपयोग करके अपने बिजनेस को बढ़ाया। उन्होंने बिजली उत्पादन के लिए गाय के गोबर का उपयोग किया। साथ ही, वह हर महीने कम से कम 30,000 किलोग्राम वर्मीकम्पोस्ट की सप्लाई करतीं।

भैसों को खिलाने पर किया फोकस

श्रद्धा ने कोई कसर न छोड़ते हुए भैंसों पर पैसा खर्च किया। वह सस्ती भैंसे खरीदतीं, मगर उनके खाने पर काफी ध्यान देतीं ताकि दूध की क्वालिटी खराब न हो। वह अपने स्टार्ट-अप में कामयाबी हासिल करते हुए वे करोड़पति बन गईं।

अमेरिका तक के किसान आते हैं मिलने

कृषि जागरण की रिपोर्ट के अनुसार कई पुरस्कारों के साथ वह एक लोकप्रिय नाम बन गई है। अमेरिका और दुनिया के अन्य हिस्सों से किसान उनसे मिलने आते हैं और वह एक सफल डेयरी फार्म बिजनेस कैसे तैयार करें, इसके बारे में ऑनलाइन जानकारी भी देती हैं।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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