FD VS SCSS: रिटायरमेंट के बाद ज्यादातर लोग ऐसे निवेश विकल्प की तलाश करते हैं, जो सुरक्षित होने के साथ-साथ नियमित आय भी प्रदान करे। ऐसे में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और सीनियर सिटीजन्स सेविंग्स स्कीम (SCSS) सबसे लोकप्रिय विकल्पों में शामिल हैं। हाल के समय में कई बैंक वरिष्ठ नागरिकों को 8% से अधिक ब्याज दर की पेशकश कर रहे हैं, जबकि SCSS फिलहाल 8.2% सालाना ब्याज दे रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए कौन-सा विकल्प ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है।
एफडी या सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम किसमें करें निवेश (Photo: iStock)
FD में कितना मिल रहा है ब्याज?
वरिष्ठ नागरिकों के लिए बैंक FD की ब्याज दरें बैंक और अवधि के अनुसार अलग-अलग हैं। कई Small Finance Banks वरिष्ठ नागरिकों को 8.30% तक का ब्याज दे रहे हैं। वहीं अधिकांश बड़े सरकारी और निजी बैंक वरिष्ठ नागरिकों को 7.45 प्रतिशत से 8 प्रतिशत तक ब्याज दर ऑफर कर रहे हैं। FD का सबसे बड़ा फायदा इसकी फ्लेक्सिबिलिटी है। निवेशक अपनी जरूरत के अनुसार कुछ दिनों से लेकर 10 साल तक की अवधि चुन सकते हैं। इसके अलावा अधिकांश बैंकों में समय से पहले FD तोड़ने की सुविधा भी उपलब्ध रहती है।
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SCSS क्यों है खास?
सीनियर सिटीजन्स सेविंग्स स्कीम (SCSS) भारत सरकार समर्थित बचत योजना है, जो अप्रैल-जून 2026 तिमाही के लिए 8.2% सालाना ब्याज प्रदान कर रही है। इस योजना की सबसे बड़ी खासियत इसकी सरकारी गारंटी है, जिससे निवेश की सुरक्षा काफी मजबूत मानी जाती है। SCSS में मिलने वाला ब्याज तिमाही आधार पर दिया जाता है, जिससे रिटायर लोगों को नियमित आय का स्रोत मिलता है। यही कारण है कि कई वरिष्ठ नागरिक इसे पेंशन जैसी आय के विकल्प के रूप में देखते हैं।
FD और SCSS में क्या अंतर है?
अगर केवल ब्याज दर की बात करें तो कुछ स्मॉल फाइनेंस बैंक FD पर 8.3% तक रिटर्न दे रहे हैं। हालांकि, SCSS की तुलना में इनमें जोखिम थोड़ा अधिक माना जा सकता है। दूसरी ओर SCSS पूरी तरह सरकारी समर्थन वाली योजना है, इसलिए सुरक्षा के मामले में इसे बेहतर माना जाता है।
FD में निवेश राशि की कोई निश्चित ऊपरी सीमा नहीं होती, जबकि SCSS में निवेश की सीमा निर्धारित होती है। दूसरी तरफ SCSS निवेशकों को स्थिर और निश्चित आय का भरोसा देती है, जो रिटायरमेंट के बाद वित्तीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
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किस निवेश विकल्प को चुनें?
अगर आपकी प्राथमिकता पूंजी की अधिकतम सुरक्षा और नियमित आय है तो SCSS एक मजबूत विकल्प हो सकती है। वहीं अगर आप विभिन्न बैंकों की ब्याज दरों की तुलना कर अधिक रिटर्न प्राप्त करना चाहते हैं और थोड़ा अतिरिक्त जोखिम लेने को तैयार हैं, तो वरिष्ठ नागरिक FD भी अच्छा विकल्प साबित हो सकती है। कई वित्तीय विशेषज्ञ रिटायर लोगों को सलाह देते हैं कि वे अपनी बचत को केवल एक विकल्प में न लगाकर SCSS और FD दोनों में संतुलित रूप से निवेश करें। इससे सुरक्षा और रिटर्न के बीच बेहतर संतुलन बनाया जा सकता है।
