Emergency Fund Planning: अचानक नौकरी चले जाना, मेडिकल इमरजेंसी, घर की मरम्मत या परिवार में अचानक आने वाला खर्च कभी भी आ सकते हैं। ऐसी स्थिति में अगर आपके पास पर्याप्त बचत नहीं है, तो आपको क्रेडिट कार्ड (Credit Card) या पर्सनल लोन (Personal Loan) ही एकमात्र विकल्प नजर आएगा। या तो आपको अपने लंबे समय के निवेश को समय से पहले निकालना पड़ सकता है। लेकिन अगर आपके पास इमरजेंसी फंड (Emergency Fund) हो तो ठीक इसी स्थिति में बिना किसी लोन या निवेश पर निर्भर रहे आपकी पैसों की जरूरत पूरी हो सकती है।
Emergency Fund में कितने रुपये होने चाहिए (AI Generated Image)
लेकिन सवाल यह है कि आखिर Emergency Fund में कितने पैसे होने चाहिए? इसका कोई एक तय जवाब नहीं है। दरअसल, इमरजेंसी फंड की जरूरत आपकी आमदनी, परिवार की जिम्मेदारियों, नौकरी की स्टेबिलिटी और हर महीने होने वाले जरूरी खर्चों पर निर्भर करती है।
कितने महीने के खर्च जितना पैसा रखें?
आम तौर पर विशेषज्ञ कम से कम 3 से 6 महीने के जरूरी खर्च के बराबर रकम Emergency Fund में रखने की सलाह देते हैं। यहां जरूरी खर्च का मतलब उन खर्चों से है, जिन्हें आप किसी भी हालत में रोक नहीं सकते।
इसमें घर का किराया या होम लोन EMI, राशन, बिजली-पानी के बिल, बच्चों की फीस, इंश्योरेंस प्रीमियम और दूसरे लोन की EMI जैसे खर्च शामिल हो सकते हैं। वहीं छुट्टी पर जाना, ऑनलाइन शॉपिंग या मनोरंजन जैसे गैर-जरूरी खर्चों को Emergency Fund की गणना में शामिल नहीं किया जाना चाहिए।
मान लीजिए आपके परिवार का जरूरी मासिक खर्च 50,000 रुपये है। ऐसे में 3 महीने के खर्च के हिसाब से आपका शुरुआती Emergency Fund 1.50 लाख रुपये हो सकता है। वहीं 6 महीने का खर्च सुरक्षित रखने के लिए आपको करीब 3 लाख रुपये का फंड तैयार करना होगा।
हर व्यक्ति के लिए रकम अलग हो सकती है
Emergency Fund की रकम केवल मासिक खर्च देखकर तय नहीं होती। परिवार की परिस्थितियां भी महत्वपूर्ण होती हैं। अगर परिवार में दो लोग कमाते हैं और दोनों की नौकरी स्टेबल है तो 3 से 6 महीने का फंड काफी हो सकता है।
इसके विपरीत, अगर परिवार की पूरी आर्थिक जिम्मेदारी केवल एक कमाने वाले व्यक्ति पर है या आमदनी अनियमित है, तो ज्यादा बड़ा Emergency Fund रखना बेहतर हो सकता है। ऐसी स्थिति में 6 से 12 महीने तक के जरूरी खर्च की बचत रखने पर विचार किया जा सकता है।
Emergency Fund कहां रखें?
Emergency Fund का उद्देश्य ज्यादा रिटर्न कमाना नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर पैसा तुरंत उपलब्ध होना है। इसलिए इस रकम को ऐसे निवेश में नहीं रखना चाहिए जहां पैसे निकालने में परेशानी हो या बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण रकम घट सकती हो।
Emergency Fund का कम से कम एक हिस्सा Savings Account या Sweep-in Fixed Deposit में रखा जा सकता है। बाकी रकम को जरूरत और जोखिम क्षमता के अनुसार दूसरे कम जोखिम वाले और आसानी से उपलब्ध विकल्पों में रखा जा सकता है।
