Dollar vs Rupee: 91 प्रति डॉलर के ऐतिहासिक निचले स्तर पर लुढ़का रुपया, इन 5 वजहों से बढ़ती जा रही कमजोरी

डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में कमजोरी लगातार बढ़ रही है। मंगलवार को इंट्रा डे ट्रेड में डॉलर के मुकाबले रुपये का स्पॉट प्राइस 91 डॉलर से भी नीचे चला गया। वहीं, फ्यूचर में भी रुपये का भाव 91 रुपये से नीचे ट्रेड कर रहा है। यहां जानें आखिर किस वजह से रुपये में लगातार कमजोरी का रुख जारी है और कब यह ट्रेंड पलटने की उम्मीद की जा सकती है?

Rupee vs Dollar: भारतीय बाजार चौतरफा दबाव में दिख रहा है। बाजार की कमजोरी सिर्फ इक्विटी तक सीमित नहीं है, बल्कि फॉरेक्स मार्केट में रुपये पर भी दबाव बढ़ रहा है। इक्विटी मार्केट के बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी में लगातार दूसरे दिन गिरावट देखने को मिल रही है। वहीं, फॉरेक्स मार्केट में डॉलर के मुकाबले रुपया भी लगातार कमजोर हो रहा है। मंगलवार को इंटरबैंक करेंसी एक्सचेंज के हिसाब से रुपया 91.05 प्रति डॉलर के ऐतिहासिक निचले स्तर पर आ गया है।

रुपये में भारी गिरावट

(फोटो क्रेडिट, कैन्वा)

मंगलवार को शुरुआती कारोबार में रुपया 91.05 प्रति डॉलर के नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। पिछले पांच कारोबारी सत्रों में ही रुपया 90 से 91 तक फिसल गया है। बीते एक महीने में भारतीय मुद्रा में डॉलर के मुकाबले 2 फीसदी से ज्यादा की कमजोरी आ चुकी है। जबकि, साल-दर-साल (YoY) गिरावट 6% के आसपास पहुंच गई है। शेयर बाजार और रुपया दोनों आपस में एक दूसरे के लिए निवेशकों के सेंटिमेंट को कमजोर कर रहा है।

End of Feed