बिहार में महिलाओं के नाम प्रॉपर्टी खरीदने पर अब मिलेगी और बड़ी छूट, सम्राट सरकार का महिलाओं को बड़ा तोहफा!

बिहार सरकार ने जमीन की सरकारी दरों को ग्रामीण इलाकों में 1.6 गुना और शहरों में दोगुना कर दिया है। इससे किसानों को भूमि अधिग्रहण पर भारी मुआवजा मिलेगा, वहीं महिलाओं के नाम रजिस्ट्री पर स्टांप ड्यूटी छूट बढ़ाकर 0.5% कर दी गई है।

बिहार में जमीन या मकान खरीदने की योजना बना रहे लोगों और खासकर महिला खरीदारों के लिए एक बहुत बड़ी खबर है। बिहार सरकार ने राज्य में जमीन की सरकारी कीमत, जिसे न्यूनतम पंजीकृत मूल्य (MVR) कहा जाता है, उसमें एक ऐतिहासिक बदलाव किया है। इस नए फैसले के तहत जहां एक तरफ राज्य में जमीन की सरकारी दरों को बढ़ा दिया गया है, वहीं दूसरी तरफ महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए महिलाओं के नाम पर संपत्ति की रजिस्ट्री कराने पर मिलने वाली छूट का दायरा भी बड़ा कर दिया गया है। सरकार के इस कदम से रियल्टी सेक्टर से लेकर आम जनता और किसानों पर सीधा असर पड़ने वाला है।

Bihar Land Registry

क्या है MVR?

सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि एमवीआर (MVR) यानी प्राक्कलित न्यूनतम मूल्य की मार्गदर्शक पंजी आखिर होती क्या है। सरल शब्दों में कहें तो, यह सरकार द्वारा तय की गई वह न्यूनतम दर (सरकारी रेट) होती है, जिसके आधार पर किसी भी जमीन, मकान या फ्लैट की खरीद-बिक्री के समय रजिस्ट्री और स्टांप ड्यूटी की गणना की जाती है। बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में इस सरकारी रेट में आखिरी बार साल 2013 में और शहरी क्षेत्रों में साल 2016 में बदलाव किया गया था। पिछले एक दशक में बाजार में जमीन की वास्तविक कीमतें तो आसमान छूने लगीं, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में दाम पुराने ही चल रहे थे। इसी बड़े अंतर को खत्म करने के लिए सरकार ने नई व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में वर्तमान एमवीआर को 1.6 गुना और शहरी व पेरिफेरल (शहर से सटे) इलाकों में सीधे 2 गुना यानी दोगुना कर दिया गया है। ये नई दरें राज्य में तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं।

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